रोहतक। शहर में बंदरों की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम 14 लाख रुपये खर्च करेगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से टेंडर जारी किया गया है। इसके तहत शहर में बंदरों को पकड़वाया जाएगा।
नगर निगम की ओर से करीब दो साल बाद शहर से बंदर पकड़वाए जाएंगे। उम्मीद है कि अगले फरवरी में बंदरों को पकड़ने की शुरुआत होगी। शहर में बंदरों का खौफ बढ़ता जा रहा है। बंदरों के काटने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
निगम ने बंदरों को शहर से पकड़वाकर बाहर छोड़ने की तैयारी की है। हालांकि, अभी 1000 बंदरों को पकड़वाया जाएगा। ऐसे में एक बंदर के पकड़ने पर करीब 1400 रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शहर में इन क्षेत्रों में बंदरों का खौफ
शिवाजी कॉलोनी, सुभाष नगर, पुराना हाउसिंग बोर्ड, बोहर गांव, अस्थल बोहर, गढ़ी बोहर, तिलियार झील के पास, झज्जर रोड नहर के पास, महावीर पार्क, जनता कॉलोनी, विकास नगर, शक्ति नगर, चांद नगर, दुर्गा कॉलोनी, चिन्योट कॉलोनी के अलावा सेक्टर-एक, दो, तीन, चार व 14 में भी बंदरों का खौफ बना हुआ है।
बंदरों का खौफ बढ़ता जा रहा है। घरों की छतों, बालकनी, पार्क व सड़कों पर भी बंदरों को खुलेआम घूमते देखा जा सकता है। इससे बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों में खौफ बना हुआ है। लोगों ने बंदरों के डर से छतों पर जाना बंद कर दिया है।
- राजीव जैन, शक्ति नगर निवासी
शहर में बंदरों की शिकायतें आ रही हैं जिनके समाधान के लिए बंदर पकड़वाने का टेंडर लगा दिया है। बंदरों को पकड़वाकर अरावली वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
- डॉ. आनंद शर्मा, निगम आयुक्त, रोहतक
चार माह में हुईं घटनाएं
शास्त्री नगर निवासी नरेश कुमार ने बताया कि भगवान महावीर पार्क में बहुत बंदर हैं। करीब दो माह पहले मुझे भी बंदर ने काटा था। सैनी आनंदपुर निवासी छात्रा पूजा ने बताया कि करीब चार माह पहले उनको बंदर ने काट लिया था। परिवार की महिलाओं ने तो छतों पर जाना बंद ही कर दिया है। इंदिरा कॉलोनी निवासी छात्रा मोनिका ने बताया कि करीब दो माह पहले वह पार्क में खाना खा रही थी, तभी बंदरों ने आकर झपट्टा मारा और उसे काट लिया था। निडाना निवासी छात्र मुकेश ने बताया कि चार दिन पहले ही कैनाल रेस्ट हाउस चौक के पास मुझे भी बंदर ने काट लिया था। अब इंजेक्शन लगवा रहा हूं।
20...शहर में कैनाल रेस्ट हाउस चौक के निकट पार्क में बंदर। संवाद- फोटो : Samvad