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Rohtak News: हाईकोर्ट में निगम ने 37 पेज का दिया जवाब, एससी समुदाय की जनसंख्या देकर तय किया वार्ड

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रोहतक। नगर निगम की चुनाव प्रक्रिया के बीच हाईकोर्ट में वार्ड नंबर दो को एससी समुदाय के लिए आरक्षित करने के मामले में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के नोटिस पर नगर निगम की तरफ से शहरी निकाय विभाग के निदेशक ने 37 पेज का जवाब दिया है। जवाब में कहा है कि नियमों के तहत 22 में से चार वार्ड एससी वर्ग के लिए आरक्षित करने थे। एससी समुदाय की जहां जनसंख्या ज्यादा थी, उन चार वार्ड को आरक्षित किया गया। इसमें वार्ड दो भी शामिल है। अब 13 फरवरी को अदालत में याचिका पर फाइनल बहस होगी। अगर याचिका स्वीकार हुई तो चल रही चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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याचिकाकर्ता एडवोकेट राजेश सैनी ने नौ जनवरी को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि इंदिरा कालोनी, संजय कॉलोनी, रूपनगर, सैनीपुरा, शिव कॉलोनी व नेहरू कॉलोनी 2013 से 2018 तक वार्ड एक में थी। परिवार पहचान पत्र बनाते समय लोगों ने अपने पत्ते में वार्ड नंबर एक दिखाया। अब वार्ड नंबर दो कर दिया गया। भौगोलिक तौर पर लोग वार्ड दो में हैं, लेकिन परिवार पहचान पत्र में जनसंख्या वार्ड नंबर एक दिखाई गई। इतना ही नहीं, करतारपुरा, गढ़ी मोहल्ला, कृष्णा कॉलोनी, ओल्ड बस स्टैंड के आसपास का क्षेत्र पहले वार्ड दो में था। अब वार्ड तीन में है। पीपीपी के हिसाब से इस क्षेत्र की गणना वार्ड दो में हुई है. इसलिए एससी वर्ग की ज्यादा जनसंख्या दिखाई दे रही है।
दूसरा, वार्ड दो के बूथ क्रमांक 38, 39 और 40 में सैनी समुदाय के 2800 मतदात्ता हैं, जो बीसी (बी) में आते हैं। वार्ड आरक्षित करते समय वार्ड दो में केवल बीसी बी वर्ग के केवल 2133 मतदाता दिखाए गए हैं। ऐसे में जनसंख्या की सही गणना न होने के कारण वार्ड दो एससी वर्ग के लिए आरक्षित हो गया, जिससे बीसी समुदाय के हित प्रभावित हुए हैं। याचिकाकर्ता के वकील संदीप शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट में सोमवार को शहर निकाय विभाग ने 36 पेज का जवाब दाखिल किया गया है। अब वीरवार को दोनों पक्षों में फाइनल बहस होगी।
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