जींद। पेड़ों की कटाई न होने से पानीपत रेललाइन पर बने रहे अंडरपास का निर्माण तीन महीनों से अटका है। इसको लेकर वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वन विभाग उन पेड़ों की कटाई करने की अनुमति नहीं दे रहा है। छह महीने में पूरा होने वाला काम सवा साल बाद भी अधूरा पड़ा है।
रेलवे ने मई 2024 में लघु सचिवालय के पीछे इंप्लाइज कॉलोनी के रास्ते को रेलवे फाटक रहित करने के लिए अंडरपास का निर्माण शुरू किया था। रेलवे कंस्ट्रक्शन विंग की ओर से मई 2024 में इस अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू किया गया था।
इसकी लंबाई लगभग 270 मीटर और चौड़ाई 5.5 मीटर रखी गई है। यह अंडरपास यू आकार का बनाया जा रहा है। जब निर्माण शुरू हुआ था तो इंप्लाइज कॉलोनी, न्यू कृष्णा कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी में रहने वाले लोगों को रेलवे फाटक मुक्त से मिलने वाली राहत दिखाई देने लगी थी।
उन्हें उम्मीद बंधी थी कि लगभग साल में इस अंडरपास का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद उन्हें रेलवे फाटक से होने वाली परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी लेकिन अब फिर उनके सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। अंडरपास का निर्माण तीन महीनों से रुका पड़ा है जबकि इसका निर्माण छह महीने में पूरा होना था।
निर्माण के इंतजार में कॉलोनीवासी
कॉलोनी निवासी अधिवक्ता नरेंद्र सिंहमार, दिलबाग देशवाल, सुमित काजल, संदीप पातलान का कहना है कि कॉलोनी के लोगों की मांग पर रेलवे अंडरपास का निर्माण शुरू हुआ था। इससे पहले अंडरपास के आकार को लेकर भी संशय बना हुआ था। बाद में नक्शा पास होने के बाद निर्माण शुरू हो गया। अब अंडरपास का निर्माण 50 प्रतिशत पूरा भी हो चुका है लेकिन तीन महीनों से इसका काम शुरू नहीं हो पाया है।
वर्जन
रेलवे को पेड़ काटने के लिए भारत सरकार से अनुमति लेनी होगी। उसके बाद ही पेड़ों की कटाई करवाई जाएगी। -पवन ग्रोवर, वन मंडल विभाग अधिकारी, जींद
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अंडरपास के निर्माण में पेड़ बाधा बने हुए हैं। पेड़ों के काटने के बाद ही निर्माण शुरू हो पाएगा। इसको लेकर वन विभाग ही पेड़ों की कटाई करवाएगा।-अनुभव चिलाना, रेलवे ठेकेदार