फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सफाई कर्मचारी की हालत में हुआ सुधार, परिजन केस दर्ज करवाने पर अड़े

विज्ञापन
विज्ञापन
जहरीली गैस से हालत बिगड़ने पर उपचार के लिए पीजीआई में दाखिल सीवर सफाई कर्मचारी रवि को बुधवार को चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी। परिजनों के अनुसार रवि पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुआ है। परिजनों ने कहा कि आरोपी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन

जनस्वास्थ्य विभाग के जेई व एसडीओ के विरोध में बुधवार को सीवरमैन सफाई कर्मचारी संघ यूनियन के सदस्यों ने कच्चा बेरी रोड स्थित मुख्य डिस्पोजल को बंद कर दिया। करीब छह घंटे तक बंद रहने के बाद विरोध कर रहे कर्मचारियों से जनस्वास्थ्य विभाग के एसई ने फोन पर बातचीत की। सीवरमैन संघ के प्रधान सुनील ने बताया कि एसई के आश्वासन पर डिस्पोजल को चालू किया गया है। दोपहर करीब तीन बजे मानसरोवर पार्क के नजदीक जनस्वास्थ्य विभाग के उप मंडल कार्यालय में एसडीओ, जेई और सीवर सफाई कर्मचारियों के साथ बैठक की गई।
प्रधान सुनील ने बताया कि बैठक के दौरान जेई ने नौकरी से हटाने की धमकी देने की बात से मना किया तो पीड़ित कर्मचारी रवि के साथ काम कर रहे अन्य कर्मचारियों को बुलाकर घटनाक्रम के बारे में अवगत कराया गया। वहीं परिजनों के अनुसार बुधवार को पीजीआई में पुलिसकर्मियों ने पीड़ित कर्मचारी के बयान दर्ज किए थे। देर रात तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था।
विज्ञापन

अधिकारी बोले-कौशल निगम में जाने के लिए बना रहे दबाव
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मामले से संबंधित जेई से जानकारी मिली है कि उसने कर्मचारी को सीवर में घुसने से मना किया था। मना करने के बाद भी कर्मचारी सीवर में उतर गया। अधिकारियों के अनुसार कर्मचारी झूठे आरोप लगा कर कौशल निगम के तहत पंजीकृत होने का दबाव बना रहे हैं। कर्मचारी पहले भी हड़ताल कर विभाग पर दबाव बना चुके हैं। कौशल निगम के तहत कर्मचारियों का पंजीकरण करने का अधिकार विभाग के पास न होकर सरकार के पास है।
यह है मामला
जींद बाईपास के नजदीक बाबा बालकनाथ तालाब के पास मंगलवार को सीवर की सफाई करने उतरे कर्मचारी की जहरीली गैस के कारण हालत बिगड़ गई थी। बाद में साथी कर्मचारियों ने उसको उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती कराया था। पीड़ित कर्मचारी रवि की पत्नी पूजा ने जनस्वास्थ्य विभाग के जेई पवन कादयान पर आरोप लगाते हुए बताया था कि जेई ने रवि को नौकरी से हटाने की धमकी देकर सीवर में उतर कर सफाई करने के लिए दबाव बनाया था। रवि सीवर में उतरा तो जहरीली गैस की वजह से हालत बिगड़ने लगी। उसके साथ काम कर रहे तीन अन्य कर्मचारियों ने उसे तुरंत बाहर निकाला। रवि की हालत गंभीर देख जेई मौके से फरार हो गया।
जल्द से जल्द हो जेई पर कार्रवाई -
एक अधिकारी की जिद्द की वजह से एक गरीब कर्मचारी की जान जा सकती थी। संबंधित अधिकारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कौशल निगम के दबाव वाली बात सरासर गलत है। कर्मचारियों की भावना के साथ खिलवाड़ है। -सुनील, प्रधान, सीवरमैन सफाई इकाई कर्मचारी संघ
कर्मचारी बना रहे अधिकारियों पर दबाव
सीवर सफाई कर्मचारी ठेकेदार के अनुबंध के तहत कार्यरत हैं। ये कर्मचारी लंबे समय से कौशल निगम में पंजीकृत होने के लिए विभाग पर दबाव बना रहे हैं। जेई से इस बारे पूछने पर बताया कि उसने कर्मचारी को सीवर में उतरने से मना किया था, लेकिन वह सीवर में स्वयं उतर गया। -अश्विनी सांगवान, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें