जींद। उचाना क्षेत्र के गांव घोघड़ियां के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय को एक साल पहले जर्जर घोषित किया था। कमरों की कमी के कारण स्कूल को स्थायी तौर पर लगाने की बजाय 2 शिफ्टों में लगाना पड़ रहा है। इससे बच्चों और शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यालय में पहले 22 कमरे थे लेकिन भवन जर्जर घोषित होने के बाद केवल 7 कमरे ही कक्षाएं लगाने की स्थिति में हैं। हालांकि, स्कूल प्रशासन ने नए भवन के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार करके मुख्यालय को भेज दिया है। स्कूल प्रशासन ने 2.35 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय को भेजा है लेकिन एस्टीमेट पास होने के बाद अभी तक शिक्षा निदेशालय ढील बतर रहा है।
इसके चलते छात्राओं को प्राइमरी विंग के सात कमरों में ही दो शिफ्टों में बैठकर कक्षा लगानी पड़ रही है। सुबह सात बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक और दोपहर 12:40 से शाम सवा पांच बजे तक अपनी कक्षाएं लगती है। वहीं स्कूल में बच्चों की संख्या 180 है।
छात्राओं को दो शिफ्टों में स्कूल पहुंचना पड़ रहा है वहीं अध्यापकों को भी इन्हीं दो शिफ्टों में स्कूल में जाना पड़ता है। इससे जहां छात्राओं व उनके अभिभावकों को एक साल से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्कूल में मुख्याध्यापक का पद खाली
राजकीय कन्या उच्च विद्यालय के सेवानिवृति के पश्चात कई महीनों से यहां के मुख्याध्यापक का पद खाली पड़ा है और उनकी जगह यहां अभी तक किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। मुख्याध्यापक के नाम पर यहां की एक सबसे वरिष्ठ शिक्षिका को अस्थाई तौर पर स्कूल संचालन के लिए डीडीओ पावर सौंपी गई है जो स्कूल में मुख्याध्यापक का कार्य देख रही हैं।
वर्जन
गांव घोघड़ियां का राजकीय उच्च विद्यालय को कंडम घोषित कर एस्टीमेट बनाकर प्रदेश शिक्षा निदेशालय को भेजा जा चुका है और इसके लिए उनके कार्यालय से पत्राचार जारी है तब तक स्कूल को दो शिफ्टों में लगाया जा रहा है ताकि छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित ना हो टेंडर लगने का इंतजार है। -जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, जींद