रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय ने कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभागाध्यक्ष की शिकायत उच्चस्तरीय जांच के लिए बाहरी, स्वतंत्र एवं तीन सदस्यीय जांच समिति को भेज दी है। वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी (संयोजक) व दो बाह्य वरिष्ठ शिक्षाविदों की यह कमेटी इस मामले का आकलन एवं मूल्यांकन करेगी।
एमडीयू कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड व दस्तावेजों के आधार पर तथ्यों की जांच करते हुए 21 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समिति को निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ही नियमानुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभ में यह तथ्य सामने आया है कि मामला कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग के दो शिक्षकों के बीच उत्पन्न विवाद से संबंधित है। इसका संबंध विभाग में शोधार्थियों के पीएचडी गाइड के आवंटन, गाइड चेंज करने, रजिस्ट्रेशन व थीसिस के प्री-सबमिशन जैसी शैक्षणिक प्रक्रियाओं से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर की ओर से भी एक शिकायत दी गई थी। उस पर विश्वविद्यालय की ओर से नियमानुसार स्वतंत्र जांच समिति गठित की गई थी। विभाग अध्यक्ष की शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए इसी स्वतंत्र बाहरी समिति को संदर्भित किया गया है।
एमडीयू ने यह भी दोहराया कि विश्वविद्यालय का प्राथमिक उद्देश्य शोधार्थियों के हित, शैक्षणिक वातावरण की गरिमा और संस्थागत प्रक्रियाओं की शुचिता सुनिश्चित करना है। विश्वविद्यालय सभी संबंधित पक्षों से अपेक्षा करता है कि वे संयम, शालीनता एवं विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सहयोग करें।
उन्होंने कहना है कि इस मामले में विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर की ओर से भी एक शिकायत विभाग की अध्यक्ष व एक वरिष्ठ प्रोफेसर के विरुद्ध दी गई थी। इस पर विश्वविद्यालय ने नियमानुसार स्वतंत्र जांच समिति गठित की थी। इस मामले की जांच इसी स्वतंत्र बाह्य जांच समिति को सौंपी गई है। संपूर्ण मामले में निष्पक्ष एवं तथ्यपरक निष्कर्ष सामने लाने के लिए ऐसा किया गया है।