14-खरावड़ के निकट दिल्ली रोहतक रोड पर लगा कट खुलने के बाद दौड़ते वाहन। स्रोत : पार्टी
रोहतक। खरावड़ के निकट दिल्ली रोहतक रोड का कट राजनीतिक मुद्दा बन गया है। प्रशासन ने सोमवार को बुलडोजर से पत्थर हटाकर सड़क पर आवागमन सुचारु करा दिया है। इसके बाद पक्ष व विपक्ष दोनों ओर से कट खुलवाने का श्रेय लेने का दावा किया जा रहा है।
विधायक भारत भूषण ने उपायुक्त को लिखे पत्र के बाद तो जिला परिषद चेयरपर्सन मंजू हुड्डा ने भी उपायुक्त को लिखी चिट्ठी के बाद सड़क खोलने का दावा किया है। विधायक का दावा है कि जनता की सुविधा व सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन को सुरक्षा के लिहाज से दिए गए उनके अन्य महत्वपूर्ण सुझावों पर भी तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
यह सिर्फ रास्ता खुलवाने का विषय नहीं था। यहां हादसों की आशंका को देखते हुए स्थायी व सुरक्षित ट्रैफिक व्यवस्था जरूरी है। प्रशासन को पहले भेजे गए पत्र में सुरक्षा से जुड़े पांच अहम बिंदुओं पर विशेष जोर दिया था।
रात के समय दृश्यता बनाए रखने के लिए रिफ्लेक्टर व संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। कट के आसपास स्ट्रीट लाइट व्यवस्था मजबूत हो। ट्रैफिक पुलिस या होमगार्ड की तैनाती पीक टाइम में की जाए। कट के पास बड़े वाहनों को सुरक्षित घुमाने के लिए मोड़ की चौड़ाई का तकनीकी सुधार किया जाए।
जन हित में की मांग स्वीकारी : चेयरपर्सन
चेयरपर्सन का कहना है कि लघु सचिवालय में सोमवार सुबह 11:45 बजे बैठक हुई। इसमें उनके अलावा मेयर रामअवतार वाल्मीकि, उपायुक्त सचिन गुप्ता, एडीसी नरेंद्र कुमार, एएसपी, एनएचएआई के अधिकारी, वार्ड नंबर 8 जिला पार्षद धीरज मालिक, खरावड़ की पंचायत शामिल रही। इस संयुक्त बैठक में उनकी ओर से उपायुक्त को तीन अप्रैल को आग्रह किया गया था। इसे स्वीकारते हुए रोहतक-दिल्ली सड़क पर लगा अवरोधक हटा दिया गया है। जन हित में की गई मांग स्वीकारने पर उन्होंने प्रशासन व एनएचएआई का आभार जताया है।