संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। शहर में 36 करोड़ से सफाई का टेंडर अलाॅट हुए महीने भर बीतने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में सोमवार को नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया तो शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई और 60 जगहों पर कचरे के ढेर लग गए।
निगम कर्मचारियों के अनुसार, 30 साल में नगर निगम में स्थायी कर्मचारियों की संख्या 900 से घटकर 161 तक रह गई हैं जबकि शहर की आबादी पांच लाख के करीब हो गई है। ऐसे में जनसंख्या व काॅलोनियां बढ़ने से सफाई का दबाव कर्मचारियों पर ही बढ़ता जा रहा है।
निगम की ओर से सफाई के लिए स्थायी समाधान न करके ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे बार बार शहर में कचरे से संबंधित दिक्कतें आ रही हैं।
सोमवार को भी शहर के कन्हेली रोड, पुराना आईटीआई परिसर, हिसार रोड बाईपास के निकट, सोनीपत रोड पर रामगोपाल कॉलोनी के निकट, दिल्ली रोड पर आईएमटी व खेड़ी साध के निकट, झज्जर रोड, गोहाना, जींद रोड व भिवानी रोड सहित तमाम स्थानों पर कचरे के ढेर लगे रहे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि निगम की ओर से अभी तक भी सफाई से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। भले की 36 करोड़ का टेंडर अलाॅट किया हो लेकिन सभी 22 वार्डों में से किसी में भी धरातल पर काम शुरू भी नहीं हुआ है। अगर ऐसे ही हाल रहे तो गर्मी में दिक्कतें और बढ़ेंगी।
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आबादी बढ़ी, कर्मी घटे
कर्मचारियों का दावा है कि 1996 में पक्के सफाईकर्मी 900 थे। तब शहर में 12 वार्ड थे और आबादी भी तीन लाख थी। अब 22 वार्ड हो गए हैं और आबादी भी पांच लाख हो गई है लेकिन पक्के कर्मी केवल 161 रह गए हैं। इनमें से 90 कर्मी तो अधिकारियों के घरों में काम करते हैं।
सफाईकर्मियों का संक्षिप्त ब्योरा
स्थायी कर्मी : 161
पे रोल कर्मी : 444
एचकेआरएन : 189
स्थायी भर्ती करने व कच्चे कर्मियों को पक्का करने की मांग, 12 फरवरी को हड़ताल का एलान
स्थायी भर्ती करने व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित तमाम मांगों को लेकर नगर पालिका कर्मचारी संघ ने सोमवार को काले व सफेद झंडे लेकर शहर में प्रदर्शन किया और निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा व उपायुक्त सचिन गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। निगम कर्मियों ने सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले यह प्रदर्शन किया। ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय भी लिया गया। नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई प्रधान शंभू टाक ने बताया कि कर्मचारियों ने निगम कार्यालय से मानसरोवर पार्क होते हुए लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। नगर निगम कार्यालय में सुबह 11 बजे कर्मचारी एकत्रित हुए व प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सुबह सात से 10 बजे तक काम किया और फिर प्रदर्शन में शामिल हुए। कर्मियों का कहना है कि पोर्टल पर हाजिरी लगाने में तकनीकी दिक्कत आ रही, वेतन भी कम मिल रहा। सेवा के 10 साल पूरा करने वालों को पक्का किया जाए। इससे कम साल सेवा वालों को अलग से योजना बनाकर पक्का किया जाए। सफाईकर्मियों के लिए संसाधन बढ़ाए जाएं।
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। हिसार रोड, सोनीपत रोड सहित शहर में कॉलोनियों में भी गंदगी का आलम रहा।
- शैलेंद्र शर्मा, सुभाष नगर
ओल्ड आईटीआई परिसर के अलावा कन्हेली रोड व शिवाजी कॉलोनी, झज्जर रोड सहित अनेक स्थानों पर शहर में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
- जसबीर कुमार, पुराना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी
शहर की पांच साल तक सफाई के लिए हुए 36 करोड़ के टेंडर को जमीनी स्तर पर उतारने की प्रक्रिया तेज की गई है। अगले कुछ दिनों में इस टेंडर के तहत सफाई कार्य आरंभ हो जाएगा। वहीं, कर्मचारियों ने सुबह काम करने के बाद प्रदर्शन किया। इससे सफाई कार्य पर खास असर नहीं हुआ।
- डॉ. आनंद शर्मा, निगम आयुक्त रोहतक
13...शहर में मानसरोवर पार्क के पास हाथों में काले व सफेद झंंडे लेकर प्रदर्शन व नारेबाजी करते नग
13...शहर में मानसरोवर पार्क के पास हाथों में काले व सफेद झंंडे लेकर प्रदर्शन व नारेबाजी करते नग
13...शहर में मानसरोवर पार्क के पास हाथों में काले व सफेद झंंडे लेकर प्रदर्शन व नारेबाजी करते नग