बनियानी, डोभ, भाली आनंदपुर, माड़ौधी रांगडान व माड़ौधी जाटान के ग्रामीण सोमवार को जिला लघु सचिवालय में उपायुक्त से मिले और भाली आनंदपुर स्थित चीनी मिल से उड़ रही राख से निजात दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने चीनी मिल की गांवों में उड़ रही राख से स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों की शिकायत उपायुक्त से की। इस पर उपायुक्त यशपाल ने सरपंचों को जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है। वहीं कलानौर में फ्लाई ऐश से कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। समाजसेवी नेपाल सिंह, अनूप सरपंच, विजेंद्र सरपंच, संदीप पंच, सोमबीर, सिकंदर पंच, सत्यवान पंच, ओमप्रकाश, भूप, विजेंद्र फौजी, जितेंद्र, राज मास्टर आदि ने बताया कि यह समस्या एक गांव की नहीं, बल्कि कई गांव की है।
ग्रामीणों ने बताया कि चीनी मिल की राख से भाली आनंदपुर से लगते गांवों में लोगों को गले में समस्या होने के साथ सांस लेने में दिक्कत हो रही है। आंखों में जलन ए अलावा एलर्जी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोगों में अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। खेतों में काम करने वाले किसानों को आंखों में जलन व स्किन एलर्जी हो रही है। हवा की दिशा के साथ ही आसपास के गांवों में इसका दुष्प्रभाव अधिक देखने के लिए मिल रहा है।
गौरतलब है कि इन समस्याओं पर पांचों गांव के सरपंच व पंचों ने मिलकर बैठक की थी। सोमवार को उपायुक्त को शिकायत देने आए थे। सरपंचों ने चेतावनी दी कि अगर इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में इसके विरोध में कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ेगा। वह पिछले पांच सालों से इस समस्या के समाधान के लिए संघर्षरत हैं। इससे पहले भी चीनी मिल के एमडी को भी इस समस्या से अवगत करवाया गया था।
बोले सरपंच
चीनी मिल की राख से गांव के लोगों को गला, सांस, आंखों की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। राख की वजह से स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का कक्षा में बैठना मुश्किल हो गया है। यह समस्या पिछले पांच सालों से बनी हुए है। मिल के एमडी को इस समस्या से अवगत करवाया गया था। लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। -अनूप वाल्मीकि, सरपंच माड़ौधी जाटान
मिल की राख से गांव में अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। युवाओं में भी इस राख का दुष्प्रभावों को देखा जा सकता है। हवा में उड़ रही मिल की राख से आंखों में जलन रहती है। बहुत से लोगों को इसके कारण स्किन एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। -बिजेंद्र, सरपंच माड़ौधी रांगड़ान
चीनी मिल से प्रदूषण बढ़ रहा है। मिल की राख से आमजन को कई बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। हवा में उड़ रही राख के कारण लोगों की आंखों में जलन रहती है। इस राख का दुष्प्रभाव बागवानी पर भी हो रहा है। गांव में लगे बाग में इस जहरीली राख के कारण पैदावार खराब हो रही है। पांच साल से इस समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है। मिल में चिमनी होते हुए भी उसे प्रयोग में नहीं लाया जा रहा है। -नेपाल सिंह, बनियानी
राख के कारण आंखों व गले में जलन की समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी बुर्जुगों को करनी पड़ रही है। खेतों में काम रहे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। चीनी मिल के आसपास के गांवों में इसका दुष्प्रभाव देखा जा सकता है। -राज मास्टर, प्रधान माड़ौधी जाटान व रांगड़ान