रोहतक। सात्विक भोजन में शामिल दूध, चावल और गुड़ के मिश्रण से बनी खीर सहित खरना प्रसाद की पूजा व उसे ग्रहण करने के साथ ही 36 घंटे का निर्जला व्रत रविवार शाम से शुरू हो गया। रविवार को दिनभर श्रद्धालुओं ने छठी मैया की पूजा के लिए सामग्री खरीदी। शाम को खरना पूजा की गई।
खरना पूजा के बाद छठ व्रती अब सोमवार शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे और मन्नतें मांगेंगे। पूर्वांचल एकता सेवा समिति के पूर्व प्रधान राम इकबाल राय ने बताया कि शहर में मुख्य रूप से दिल्ली रोड स्थित भालौठ सब ब्रांच पर बने छठ घाट पर पूजा-अर्चना की जाएगी।
छठ महापर्व को लेकर व्रतियों में उत्सव है। उनके घरों में धार्मिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। पूर्वांचल के लोगों के लिए यह सबसे बड़ा पर्व होता है। ऐसे में इस महापर्व को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खुशी देखी जा रही है।
गोकर्ण तालाब पर भी होगी छठ पूजा
बाबा लक्ष्मणपुरी डेरा परिसर स्थित गोकर्ण तालाब पर भी छठ पूजा होगी। यहां भी बड़ी संख्या में छठ व्रती व अन्य श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा आजादगढ, जनता कॉलोनी, सैनिक कॉलोनी सहित छह स्थानों पर छठ पूजा की जाएगी।
19...रोहतक की नई अनाज मंडी में छठ पूजा के लिए गन्ना खरीदते ग्राहक। संवाद
19...रोहतक की नई अनाज मंडी में छठ पूजा के लिए गन्ना खरीदते ग्राहक। संवाद
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19...रोहतक की नई अनाज मंडी में छठ पूजा के लिए गन्ना खरीदते ग्राहक। संवाद
19...रोहतक की नई अनाज मंडी में छठ पूजा के लिए गन्ना खरीदते ग्राहक। संवाद
19...रोहतक की नई अनाज मंडी में छठ पूजा के लिए गन्ना खरीदते ग्राहक। संवाद
19...रोहतक की नई अनाज मंडी में छठ पूजा के लिए गन्ना खरीदते ग्राहक। संवाद