संवाद न्यूज एजेंसी
कलानौर। नगर पालिका की ओर से नगर के नाले और नालियों की साफ-सफाई करवाई जा रही है। रोहतक-भिवानी मार्ग पर नालों की सफाई के लिए लगभग 10 लाख रुपये का टेंडर छोड़ा गया है, लेकिन ठेकेदार की ओर से नालों की सफाई केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है। इसका मुख्य कारण दुकानदारों की ओर से बनाए गए अवैध स्लैब बताए जा रहे हैं।
ठेकेदार की ओर से नालों की सफाई तो की जा रही है, लेकिन सिर्फ वहीं, जहां पर नगर पालिका ने स्लैब लगाए हैं। उस जगह कहीं सफाई नहीं हुई, जहां सीढ़ियां बनाकर लेंटर डाल रखा है। आने वाले समय में मानसून सत्र शुरू होने वाला है ऐसे में गलियों में जलभराव की समस्या होना आम बात है।
वार्डवासियों की ओर से कई बार अपने-अपने क्षेत्रों के पार्षदों व नगर पालिका के अधिकारियों से भी नाले और नालियों की सफाई की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
कलानौर के रविदास मंदिर से लेकर पुराने बस स्टैंड तक दुकानदारों की ओर से नालों पर अवैध स्लैब बनाए गए हैं। पिछले दिनों नगर पालिका की ओर से दुकानदारों को अवैध स्लैब तोड़ने के नोटिस भी जारी किए गए थे।
वर्तमान में नालों की सफाई के लिए कोई भी दुकानदार स्लैब तोड़ने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में मानसून सत्र में बारिश का पानी शहर से निकालना नगर पालिका के लिए चुनौतीपूर्ण तो रहेगा ही, साथ ही नालों की सफाई भी चुनौती बना हुआ है।
-
सफाई वाली जगह पर सभी अवैध स्लैब तोड़े जा रहे हैं, नालों की स्थायी तौर सफाई करवाई जा रही है। निरीक्षण कर जहां पर ढंग से सफाई नहीं हो रही है, मुआयना करके अच्छे ढंग से कराई जाएगी।
- विनय कुमार, नपा सचिव कलानौर।