जींद। आधारभूत साक्षरता एवं गणना कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिलास्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई। इसका उद्देश्य निपुण मिशन को धरातल पर और अधिक सशक्त बनाना और कक्षा एक से तीन तक प्रत्येक बच्चे को भाषा और गणना में दक्ष बनाना है।
एडीसी प्रदीप कुमार ने बताया कि अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कक्षा एक से तीन तक हर बच्चा पढ़ने, लिखने और गणना की बुनियादी समझ अवश्य हासिल करें। इसमें शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी, नियमित मूल्यांकन, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियां व अभिभावकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की कॉम्पिटेंसी लेवल पर और अधिक फोकस किया जाए। इससे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और विषयों को सहज रूप से समझने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि यही वह समय होता है जब बच्चों की शिक्षा की नींव मजबूत होती है।
एडीसी ने कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में एक अलग प्रतिभा समेटे होता है। उस प्रतिभा को पहचानना और निखारना अध्यापक की जिम्मेदारी है। 8 वर्ष तक की आयु में बच्चों में सीखने की जिज्ञासा अत्यधिक होती है इसलिए इस आयु वर्ग पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षकों को नियमित रूप से मोटिवेट किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही देश, प्रदेश और जिले की समग्र उन्नति का सबसे सशक्त माध्यम है। आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं और अध्यापक भविष्य के निर्माता हैं, इसलिए उन्हें इस भूमिका के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए ताकि वे राष्ट्र के लिए एक सशक्त एसेट बन सकें।
पूर्व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र श्योराण ने निपुण मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में संचालित गतिविधियों, बच्चों की सीखने की प्रगति व आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में एफएलएन के तहत विशेष शिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं जिससे बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ को मजबूत किया जा रहा है। निरंतर मॉनिटरिंग एवं फील्ड स्तर पर सहयोग के माध्यम से निपुण के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा रहा है।
इस दौरान सीएमजीजीए कल्याणी, एसपीआईयू अनुभव, एसपीआईयू आयुषी, जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर राजेश वशिष्ठ, डाइट प्राचार्य मुन्नी देवी जिले के सभी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मौजूद रहे।