रोहतक। शिक्षा जगत में तेजी से बदलती परिस्थितियों के बीच तकनीक ही आगे बढ़ने का रास्ता है। आज एक्सेस, इक्विटी और क्वालिटी सबसे बड़ी बाधाएं हैं। इन सभी समस्याओं का समाधान तकनीक के प्रभावी उपयोग से ही संभव है। शिक्षण को और अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने के लिए शिक्षक मल्टीमीडिया टूल्स, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग करें।
शिक्षकों को नई तकनीक, डिजिटल संसाधनों और नवाचार पूर्ण शिक्षण विधियों से परिचित करवाने के उद्देश्य से सोमवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में सात दिवसीय अप-स्किलिंग प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ। इसका विषय लीवरेजिंग टेक्नोलॉजी फॉर इफेक्टिव टीचिंग-लर्निंग इन द मॉडर्न इरा इन लाइट ऑफ एनईपी-2020 रहा। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने बतौर मुख्य तिथि कार्यक्रम में शिरकत की।
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विशिष्ट अतिथि प्रो. राजीव ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षण सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं है बल्कि विद्यार्थियों को नवाचार, विश्लेषण और व्यावहारिक समझ की दिशा में मार्गदर्शन देना भी आवश्यक है।
यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर के निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग ने कार्यक्रम की विषयवस्तु और प्रशिक्षण मॉड्यूल पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनील देवी ने किया। डॉ. माधुरी हुड्डा ने कार्यक्रम का समन्वयन किया।