रोहतक। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिर्वसिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (सुपवा) में विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। करीब छह महीने पहले विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद अब सुपवा के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। सुपवा के विभिन्न संकायों के शिक्षकों ने मंगलवार को शाम पांच बजे से विश्वविद्यालय गेट पर धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सातवें वेतन आयोग की सुविधाएं न मिलने व पदोन्नति न होने पर रोष जताया। उनका कहना है कि वह पिछले 10-12 सालों से एक पद पर कार्यरत हैं, इतने साल बीत जाने के बाद भी उन्हें पदोन्नत नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को वह पहले भी कई बार लिखित व मौखिक रूप में इस समस्या से अवगत करवा चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन से केवल उन्हें आश्वासन देता रहा है। सुपवा में विभिन्न राज्यों से प्राध्यापक विद्यार्थियों को विभिन्न संकाय जैसे फिल्म एंड टेलीविजन, डिजाइन, वास्तुकला व कला विषय संबंधी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
शिक्षकों को मिला विद्यार्थियों का समर्थन
अपने शिक्षकों के प्रदर्शन में सुपवा स्टुडेंटस यूनिटी के विद्यार्थियों ने समर्थन जताया है। ऐसे में उनका कहना है कि वह अपने शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हैं और उनकी उठाई मांगों से सहमत है। उन्होंने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों पहले फिल्म एंड टेलीविजन विभाग के विद्यार्थियों ने करीब तीन महीने पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर धरना प्रदर्शन किया था।
क्या है सुपवा
दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफाॅर्मिंग एंड विजुअल आर्टस, रोहतक जिले में स्थित उत्तर भारत का इकलौता संस्थान है जहां देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थी फिल्म, कला, डिजाइनिंग व वास्तुकला की शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं। संस्थान में अलग- अलग राज्यों में कलाकार की भूमिका निभा चुके लोग शिक्षकों के रूप में विद्यार्थियों को कला शिक्षा में निपुण बना रहे हैं।
विश्वविद्यालय की तरफ से वेतन व सातवें वेतन आयोग की सुविधाओं की फाइल शिक्षकों की लिस्ट के साथ बनाकर ऑडिट के लिए भेज दी गई है। इस मामले में विश्वविद्यालय की ओर से हर औपचारिकता पूरी कर दी गई है। ऑडिट से फाइल क्लियर होने के बाद ही शिक्षकों समस्या का समाधान हो सकेगा।
डॉ. बेनुल तोमर, निदेशक, सूचना व जनसंर्पक