रोहतक। स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी से केंद्र सरकार की आठ कल्याणकारी योजनाओं को जोड़ा जाएगा। पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर के साथ उसके परिवार के सदस्य भी योजना का लाभ उठा सकते हैं। मंगलवार को नगर निगम आयुक्त ने बैंक व नगर निगम के साथ हुई बैठक में यह जानकारी दी। अब निगम पंजीकरण के लिए 15 मई तक मानसरोवर पार्क के नजदीक सीपीओ कार्यालय में कैंप लगाएगा, जहां स्ट्रीट वेंडर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
नगर निगम की तरफ से कोरोना काल में लागू हुई स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत शहर में सर्वे कराया था। सर्वे के बाद 3400 रेहड़ी व फड़ी संचालकों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन कोरोना के समय काफी संख्या बिहार व यूपी से आए रेहड़ी वाले वापस लौट गए। अब पंजीकरण स्ट्रीट वेंडर की संख्या 1600 के करीब रह गई हैं। अब केंद्र सरकार ने दोबारा से स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत पंजीकरण करने का निर्देश दिया है। केंद्र की हिदायत पर नगर निगम अब कैंप लगाकर नए पंजीकरण करेगा।
ये जोड़ी गई स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी से योजना
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि केंद्र की गरीबी उन्मूलन संबधित योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह, स्व रोजगार, स्पोर्ट टू शहरी स्ट्रीट वेंडर, प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि को स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी से जोड़ा गया है। पंजीकृत वेंडर के परिवार के सदस्य दूसरी योजना का पात्र बनकर लाभ उठा सकता है। शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं रोजगार के लिए दो लाख रुपये, स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत 10 हजार, 20 हजार व 50 हजार रुपये तक का लोन बैंकों की तरफ से दिया जा रहा है। इसमें 9 प्रतिशत ब्याज केंद्र सरकार खुद वहन करेगा। उक्त योजनाओं को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व प्रधानमंत्री श्रम योगी मन-धन योजना से भी जोड़ा जाएगा।
डिजिटल पेमेंट पर हर साल मिलेंगे 1200 रुपये
निगम आयुक्त ने बताया कि जो स्ट्रीट वेंडर डिजिटल माध्यम से लेनदेन करेगा, उसे साल में 1200 रुपये केंद्र की तरफ से दिए जाएंगे। साथ में फोन-पे व पेटीएम के बार कोड भी बनवाए जाएंगे। साथ ही निगम जल्द वेडिंग जोन बनाएगा।
बैंकों ने रद्द किए साढ़े 300 आवेदन, आयुक्त बोले सहानुभूति पूर्वक करें दोबारा विचार
निगम के माध्यम से 350 पंजीकरण वेंडर ने लोन के लिए बैंकों में आवेदन किया था, लेकिन बैंकों ने खामियां निकाल कर आवेदन रद्द कर दिए। बैठक में निगम आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को हिदायत दी कि वे आवेदनों पर दोबारा सहानुभूति पूर्वक विचार करें। नहीं तो केंद्र को पत्र लिखा जाएगा।