प्रदेश के 97 एडेड कॉलेजों के स्टाफ की एनपीएस के तहत ग्रेच्युटी, सातवें वेतनमान की दर से मकान किराया भत्ता, मेडिकल सुरक्षा स्कीम और समय पर वेतन नहीं मिलने की मांग लंबित है। हरियाणा कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (एचसीटीए) इन मांगों को पूरा कराने के लिए चरणबद्ध तरीके से सत्याग्रह चलाएगी। यह कहना है एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. दयानंद मलिक व महासचिव डॉ. राजेंद्र सिंह का। वे सोमवार को हुई बैठक एसोसिएशन के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पहले चरण में भाजपा-जजपा विधायकों, मंत्रियों, पदाधिकारियों को ज्ञापन देकर उन्हें मुख्यमंत्री व उच्चतर शिक्षा मंत्री से हमारी मांगें मनवाने के लिए सिफारिश करने की अपील की जाएगी। सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में 2006 के बाद नियुक्त और नई पेंशन स्कीम के तहत आने वाले स्टाफ के लिए ग्रेच्युटी, सातवें वेतनमान के अनुसार बढ़ा हुआ मकान किराया भत्ता (एचआरए), समेकित मेडिकल स्कीम की मांग लंबे समय से है। यह तीनों सुविधाएं सरकार के अन्य विभागों, राजकीय कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज, बोर्डों के कर्मचारियों को पहले से मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि दफ्तरों की पेचीदा प्रक्रिया के कारण हमें वेतन भी कई महीने देरी से मिलता है। जबकि साल भर का बजट -प्रावधान सरकार ने विधानसभा में पास होता है। दुख का विषय है कि करोना-काल में दिवंगत हमारे साथियों के परिवार अभी तक ग्रेच्युटी का इंतजार कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर 15 मई को पंचकूला में विशाल रोष-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत हुई।यहां हुए फैसलों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।