रोहतक। शिक्षा विभाग की ओर से बाहर व विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों को चिह्नित करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। जिले के शिक्षक स्कूलों से वंचित विद्यार्थियों को ढूंढने के लिए फील्ड में उतरकर घर घर जा रहे हैं। शिक्षक 6 से 14 वर्ष व 16 से 19 वर्ष तक के बच्चों की पहचान कर रहे हैं।
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए जिले में ड्रॉपआउट सर्व शुरू हो गया है। जिला समग्र एपीसी मनोज कुमार ने बताया कि विद्यालय व्यवस्था के लिए नई शिक्षा नीति के प्राथमिक लक्ष्य के तहत सभी बच्चों को विद्यालयों में नामांकित करना है और बच्चे नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित हों।
उन्होंने बताया कि मुख्यालय की रिपोर्ट अनुसार कई बच्चे अभी भी विद्यालय से बाहर हैं, उनकी पहचान करना है।
इनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति समुदायों, सड़क पर रहने वाले बच्चों, भिखारियों, अनाथ, बेघर बच्चों, प्रवासी बच्चों, गैर-अधिसूचित जनजातीय समूहों में विद्यालयों से बच्चे वंचित हैं।