10सीटीके12... सिलाई सिखाने के लिए आयोजित शिविर में मौजूद डॉ.सीमा शर्मा व अन्य। स्रोत : स्वयं
रोहतक। समाज में खुद के लिए करने वाले बहुत हैं। दूसरों का जीवन सुधारने के लिए अपना समय देने वाला कोई खास होता है। कुछ ऐसी शख्सियत हैं डॉॅ. सीमा शर्मा। समाज में जागरूकता की अलख जगाने में प्रयासरत वैश्य काॅलेज ऑफ लॉ की यह शिक्षिका दूसरों के लिए मिसाल व समान शक्तिस्वरूपा बनी हैं। अमर उजाला ने नवरात्र पर्व पर उनके कार्यों के संबंध में उनसे बातचीत की तो उनका यह प्रयास सामने आया।
समाज शास्त्र विभाग की शिक्षिका ने बताया कि भारत विकास परिषद की महिला संयोजक के रूप में काम करते हुए समाज के जरूरतमंद व स्लम एरिया के लोगों की यह स्थिति सामने आई है। यहीं से उनके लिए काम करने का विचार आया और इस तरफ कदम बढ़ा दिए। अभिनव टोली संस्था के बच्चोंं को पुरानी चीजों के इस्तेमाल सेे नई चीजें बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्हें पुराना सामान मुहैया कराकर नया व आकर्षक बनाना सिखाया। इससे ये बच्चे कुछ नया करने लगे, साथ ही पुरानी चीजों से बना सामान बेचकर रुपये भी कमाने लगे हैं।
एचबी बढ़ाने के लिए कर रहीं जागरूक
शिक्षिका ने बताया कि एनिमिया मुक्त भारत के तहत स्लम एरिया में बच्चों, खासकर लड़कियों को जागरूक करने का काम कर रही हूं। उन्हें शरीर में खून की कमी के कारण समझाते हुए इसे दूर करने के लिए जरूरी दवा व आहार लेने की सलाह दी जा रही है। एचबी बढ़ाने के लिए घर में लोहे की कढ़ाई में खाना बनाने के अलावा हरी व ताजा सब्जियों के सेवन, चना व गुड़ को आहार में शामिल करने की जानकारी दी जाती है।
जरूरतमंद बेटियों को सिखा रहीं सिलाई-कढ़ाई
शिक्षिका ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से समाजसेवा से जुड़ी हूं। लड़कियों को स्वावलंबी व अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उन्हें हुनर विकसित करने के लिए प्रेरित कर रही हूं। इसमें जरूरतमंद लड़कियों को सिलाई-कढ़ाई सिखाना मुख्य है। इससे लड़कियां अपने घर के काम के अलावा छोटे-छोटे काम करके कुछ आमदनी कमा सकती हैं।