रोहतक। सेक्टर-34 सनसिटी निवासी एक शिक्षक को साइबर अपराधियों ने 3 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान 1.30 लाख रुपये ठग लिए। इसी दौरान शिक्षक को भी ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने वीडियो कॉल काट दी। इससे दूसरे खाते के चार लाख रुपये बच गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत अर्बन एस्टेट थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित शिक्षक अनमोल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एक निजी स्कूल में पढ़ाते हैं। 3 नवंबर को सुबह 11:30 बजे कॉल आई। सामने वाले ने खुद को मुंबई के छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताया। कहा, उनके नाम का एक पार्सल मिला है। उसमें एमडीएमए ड्रग्स है। इसकी जांच सीबीआई कर रही है। इस जांच में पुलिस और बैंक अधिकारी भी शामिल हैं। इसी दौरान कहा कि जब तक प्रकरण की जांच की जाएगी, उनको डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षक की कई जानकारी बताते हुए खातों के लेन-देन की बात करनी शुरू कर दी। दो खातों में जो रुपये थे उनको बैंक अधिकारी की मदद से एक अन्य खाते में डलवाए और लगातार रुपये की जानकारी मांगने का दबाव बना रहे थे। करीब तीन घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करने के दौरान उनको समझ में आया कि वह साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए हैं। इसलिए उन्होंने वीडियो कॉल काट दी। शिक्षक ने बताया कि थोड़ी देर में वह एक और खाते की जानकारी लेने के लिए दबाव बना रहे थे। जिसमें करीब चार लाख रुपये थे। कॉल काटने के बाद यह राशि उन्होंने बचा ली। पीड़ित ने उसी दौरान 1930 पर कॉल करके सूचना दी और फिर पुलिस के समक्ष शिकायत दी। अब पुलिस ने केस दर्ज करके जांच की और कई आरोपियों की जानकारी जुटा ली है।
वर्जन
पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और जांच में काफी कुछ साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। जल्द ही साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
परमजीत कौर, प्रभारी थाना अर्बन एस्टेट।