रोहतक। बिना तोड़े आठ लड्डू बांटें। एक व्यक्ति को आठ लड्डू मिलेंगे। दो को चार-चार। तीन में इन्हें बांटना असंभव। चार को दो-दो लड्डू व आठ को एक-एक लड्डू मिलेगा। आठ से अधिक में असंभव है। इसलिए आठ के गुणखंड एक, दो, चार व आठ हैं, मगर तीन नहीं। गुणनखंड समझाने के लिए सक्षम हरियाणा सेल की ओर से यह एसएमएस सोमवार को विद्यार्थियों को भेजा गया। लॉकडाउन के कारण स्कूल खुलने तक अब इसी तरह रोज बच्चों को पढ़ाया जाएगा। छोटे व अहम विषयों को सरल तरीके से विद्यार्थियों को समझाने के लिए शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया गया है।
ई-लर्निंग से दूर बच्चों को मिलेगा लाभ
कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद है। लॉकडाउन में बच्चों को घर पर रह कर पढ़ाने के लिए ई-लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीकी दौड़ में पिछड़े परिवारों के बच्चे अध्ययन में पीछे छूट रहे हैं। उन्हें साथ लेने के लिए एसएमएस के जरिए पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इससे एंड्रॉयड फोन नहीं रखने वाले बच्चे भी अध्ययन कर सकेंगे।
होम वर्क डायरी पर अधिकारियों की नजर
बच्चों को घर बैठे पढ़ाने के लिए ई-लर्निंग पर जोर दिया जा रहा है। आनलाइन कक्षा के तहत एप, वीडियो, व्हाट्सअप व अन्य माध्यमों से विद्यार्थियों को लर्निंग मैटीरियल मुहैया कराया जा रहा है। उनके सवालों के जवाब दिए जा रहे हैं। इस माध्यम को और सशक्त करने के लिए ई-लर्निंग पर ई-मानिटरिंग की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अधिकारी शिक्षकों की कक्षा ही नहीं उनकी होम वर्क डायरी पर भी नजर रखे हुए हैं। कक्षा में क्या पढ़ाया व घर के लिए क्या काम दिया, यह सब ऑनलाइन है। इसके अलावा फोन करके भी अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई का फीडबैक लिया जा रहा है। सोमवार को 52 स्कूलों के साथ कुल 411 में से 258 स्कूलों में अब तक ई-मानिटरिंग की जा चुकी है।
यूं रखी जा रही है शिक्षकों पर नजर
बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए व्हाट्सअप ग्रुप बनाए गए हैं। एप के जरिए भी पढ़ाया जा रहा है। इनमें विद्यार्थियों व शिक्षकों के साथ अधिकारियों को भी विशेष रूप से जोड़ा गया है। इसमें डीईओ परमेश्वरी हुड्डा, डीईईओ विजय लक्ष्मी, डाइट प्राचार्य सत्यवती नांदल व ई-लर्निंग नोडल आफिसर कृष्णा फौगाट मुख्य हैं। ये अधिकारी कक्षा के दौरान किसी भी समय ऑनलाइन होकर शिक्षक के पढ़ाए जा रहे विषय व दिए गए होम वर्क को जांच सकते हैं।
लॉकडाउन में ई-लर्निंग के जरिए बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। जिन बच्चों के पास ऑनलाइन अध्ययन की व्यवस्था या एंड्रॉयड फोन नहीं है, उनके लिए एसएमएस के जरिए पढ़ाने की व्यवस्था की है। समक्ष हरियाणा सैल रोजाना दोपहर 2 बजे इन बच्चों को एसएमएस भेजेंगे। इनमें सरल तरीक से छोटे व अहम विषय उन्हें समझाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें हिंदी, गणित व विज्ञान विषय मुख्य हैं।
-कृष्णा फौगाट, नोडल आफिसर, ई-लर्निंग एवं डिप्टी डीईओ।