देवेन्द्र दीक्षित
रोहतक। ओमप्रकाश 85 साल, उमेद सिंह 80 साल, सूरजभाजन 65 साल, अतर सिंह 71 साल, विनोद कौशिक 52 साल...। ऐसे और भी बहुत सारे बुजुर्ग हैं, जिन्होंने मतदान के जज्बे से न सिर्फ सूरज की गर्मी को ठंडा कर दिया, बल्कि युवाओं को पछाड़कर लगभग हर बूथ पर अव्वल रहे।
लोकतंत्र के महापर्व में शनिवार को हरियाणा ने भी अपने हिस्से की आहुति दी। सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। लेकिन, इससे पहले ही बड़ी संख्या में लोग वोट डालने बूथों पर पहुंच चुके थे। इनमें सबसे आगे हरियाणा के ताऊ-ताई थे, जिन्होंने लगभग हर सीट पर सबसे पहले वोट डालकर गर्व से अपनी उंगलियों पर लगी लोकतंत्र की स्याही दिखाई। सुबह के वक्त युवाओं की संख्या उम्मीद से कम दिखी। हालांकि दोपहर बाद युवा बूथों की तरफ दौड़े।
जींद के जलालपुर कलां में 85 साल के ओमप्रकाश ने सबसे पहला वोट डाला। उन्हीं की तरह जींद के ही 80 साल के उमेद सिंह ने बूथ नंबर 101 पर सबसे पहले मतदान किया। झज्जर जिले की बात करें तो यहां छावनी में 65 साल के सूरजभान ने बूथ संख्या 71 पर सबसे पहले वोट डाला। झज्जर के ही वजीरपुर गांव में 71 साल के अतर सिंह वोट डालने वाले पहले वोटर बने। इसी तरह सोनीपत जिले के रोहट गांव में बूथ नंबर 51 पर 50 साल के रमेश ने सबसे पहले मतदान किया। सोनीपत में ही गांव मलिकपुर में बनाए बूथ नंबर एक पर 42 साल के पवन कुमार ने पहला वोट डाला। सोनीपत के राई बूथ पर 52 साल के विनोद कौशिक ने पहला वोट डालकर लोकतंत्र के महापर्व में फर्स्ट डिविजन हासिल की।
इन्होंने भी दिखाया जज्बा, सुबह ही बूथों पर पहुंचे
महेंद्रगढ़ के कनीना के गांव पाैता में 85 साल की रेवती देवी, जींद में 92 साल के नफे सिंह मलिक, महेंद्रगढ़ शहर के बूथ नंबर 117 पर 90 साल के नौरंग सिंह, सोनीपत के गन्नौर में बूथ नंबर 93 पर 87 साल के मांगेराम, झज्जर के बूथ 62 पर 68 साल के बुजुर्ग भोलू सुबह ही वोट डालने के लिए पहुंच गए थे।