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Rohtak News: विज के दावे पर तंवर बोले- सबको बात रखने का हक

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15 सीटीके : 11
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- केंद्रीय नेतृत्व व विधायक तय करेंगे, नायब सैनी तक को नहीं पता था कि वे मुख्यमंत्री बनने वाले हैं
- कुमारी सैलजा के साथ अन्याय हुआ, किसी कांग्रेसी नेता ने निंदा नहीं की
- सामंती सोच से बाहर नहीं आ रही कांग्रेस, राहुल आरक्षण खत्म नहीं कर पाएंगे
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। पूर्व सांसद व भाजपा नेता डॉक्टर अशोक तंवर का कहना है कि भाजपा में मुख्यमंत्री पद को लेकर लठम-लठा नहीं होते। अनिल विज भी पुराने नेता हैं, सबको अपनी बात रखने का हक है। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व व विधायक मुख्यमंत्री तय करते हैं। फरवरी में नायब सैनी को भी पता नहीं था कि वे सीएम बनने वाले हैं। तंवर रविवार को रोहतक स्थित भाजपा के प्रदेश मीडिया कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कुमारी सैलजा के साथ अन्याय हुआ है। वे मुख्यमंत्री पद की दावेदार रही, लेकिन टिकट बंटवारे में नहीं चली। उन पर जो टिप्पणी की गई है, वह निंदनीय है। किसी भी कांग्रेस नेता ने टिप्पणी करने वाले के खिलाफ बयान नहीं दिया। कांग्रेसी केवल दलित हितैषी होने का आडंबर करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में गोहाना व मिर्चपुर कांड को दलित समाज भूजा नहीं है। दलित उत्पीड़न की लगातार घटनाएं हुईं।
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कांग्रेस में एक ही परिवार हावी
तंवर ने कहा, कांग्रेस के भीतर सिर्फ एक ही परिवार हावी है, कोई स्वाभिमानी कार्यकर्ता पार्टी में नहीं रह सकता। कांग्रेस पार्टी ने अपने समर्पित और कर्मठ कार्यकर्ताओं का हक मार कर सामंती सोच वाले कुछ परिवारों और लोगों को ही प्राथमिकता दी है। टिकट आवंटन के समय भी जातिवाद और परिवारवाद हावी रहा। राहुल गांधी विदेश में जाकर आरक्षण खत्म करने की बात करते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होते हुए ऐसा कभी नहीं होगा। इस मौके पर भाजपा मीडिया प्रभारी अरविंद सैनी, सह प्रभारी शमशेर सिंह खरक, अशोक छाबड़ा, संदीप आजाद ईसराणा, सोशल मीडिया इंचार्ज अरुण यादव व जिला मीडिया प्रभारी सन्नी शर्मा भी मौजूद रहे।
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अब तो टिकट बंटवारे में भी नॉट फॉर सूटेबल
तंवर ने कहा, पहले नौकरियों में नॉट फॉर सूटेबल शब्द का प्रयोग किया जाता था, लेकिन अब राजनीति में प्रयोग होने लगा है। विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के समय दावेदारों के लिए नॉट फॉर सूटेबल शब्द कहा जा रहा है।
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