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Rohtak News: थ्रेसिंग के समय रखें आंखों का ख्याल, दमे के रोगी लगाए मास्क

Tue, 30 Apr 2024 04:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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बहादुरगढ़। गेहूं की कटाई व थ्रेसिंग शुरू होते ही दमे और टीबी के रोगियों को परेशानी होने लगी है। आंखों में जलन और खुजली की शिकायत भी बढ़ी हैं। इन समस्या को लेकर सामान्य अस्पताल में रोज 8 से 10 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने किसानों को थ्रेसिंग के समय मास्क लगाने की सलाह दी है।
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सामान्य अस्पताल के नेत्र विभाग में आंखों में खुजली, जलन और चुभन की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सुंदरम ने कहा कि फसली सीजन में करीब 20 दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इन दिनों टीबी और दमे के पुराने रोगियों को परेशानी बढ जाती है। धूल, भूसा के अत्यधिक महीन गण सांस के जरिए फेफड़ों क पहुंचकर मरीजों की दिक्कत बढ़ा रहे हैं इसलिए थ्रेसिंग के समय मास्क पहने तो काफी हद तक बचाव हो सकता है।
नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मालविका ने कहा कि नागरिक अस्पताल में हर रोज ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में पहले इस प्रकार की बीमारी के रोजाना करीब 3, 4 मरीज आते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़ गया है। प्रतिदिन 8 से 10 मरीज ऐसे निकल रहे हैं जिन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है।
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इसलिए होती है परेशानी
बहादुरगढ़ क्षेत्र में गेहूं का रकबा 30 हजार हेक्टेयर है। इसमें से 70 प्रतिशत गेहूं कंबाइन मशीन से तो बाकी कटाई हाथों से की जा रही है। कटाई के बाद गेूहं को मशीन से निकाला जाता है। इसके साथ ही भूसे के जो महीन कण होते हैं वह हवा में फैल जाते हैं। हवा का रुख जिस तरफ होता है। भूसे के कण भी उसी तरफ पहुंच जाते हैं। गांवों मेें लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। गांवों में ही फसल कटाई के दौरान भूसे का असर ज्यादा देखने को मिलता
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