27सीटीके19-एमडीयू का सांख्यिकी विभाग। स्रोत:एमडीयू
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में 12वीं के बाद बीएससी सांख्यिकी (4 वर्षीय) स्नातक कार्यक्रम में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। यह विभाग छात्रों के लिए उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है, जो डाटा संचालित दुनिया में कॅरिअर बनाना चाहते हैं। इसके अलावा डाटा एनालिस्ट और डाटा साइंटिस्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सांख्यिकीय अधिकारी व बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं में कॅरिअर के अवसर भी प्रदान करता है।
सांख्यिकी विभाग अध्यक्ष प्रो. एससी मलिक ने बताया कि यह पाठ्यक्रम उद्योग-उन्मुख विषयों जैसे डाटा साइंस, मशीन लर्निंग, आर्थिक विश्लेषण और सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण को एकीकृत करता है। यह कोर्स न केवल छात्रों को अकादमिक ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि उन्हें अनुसंधान और व्यावहारिक परियोजनाओं के माध्यम से वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने की क्षमता भी देता है। इस कोर्स में 60 सीटें उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि बीएससी सांख्यिकी कार्यक्रम छात्रों को पारंपरिक सांख्यिकीय सिद्धांतों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी उपकरणों से भी परिचित कराता है। इसमें गणितीय मॉडलिंग और प्रायिकता सिद्धांत, कंप्यूटर आधारित सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण, डाटा विजुअलाइजेशन, रिपोर्ट लेखन, मशीन लर्निंग और डाटा साइंस की बुनियादी जानकारी शामिल हैं।
प्रो. एससी मलिक ने बताया कि सांख्यिकी विभाग अपने अनुभवी शिक्षकों, अत्याधुनिक कंप्यूटर प्रयोगशालाओं और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय उद्योगों और सरकारी संस्थाओं के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखता है, जिससे छात्रों को इंटर्नशिप और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि एमडीयू का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें। बीएससी सांख्यिकी कोर्स उसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।