29सीटीके36-पठानिया कैंपस में ताजमहल का टेंडर नामक नाटक के मौजूद कलाकार। स्रोत:कलाकार
रोहतक। भव्य कल्चरल सोसाइटी के कलाकारों ने एक निजी स्कूल के कैंपस में अजय शुक्ला के लिखित और संजय अमन पोपली के निर्देशित प्रसिद्ध व्यंग्य नाटक ताजमहल का टेंडर का मंचन किया।
यह नाटक प्रशासनिक भ्रष्टाचार और लालफीताशाही की गहरी जड़ों पर करारा प्रहार करता है। नाटक की कहानी बादशाह शाहजहां के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी प्रिय पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल बनवाना चाहते हैं। वे अपने अधिकारियों को इसके लिए पूर्ण अधिकार और धन देते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लालफीताशाही के जाल में ताजमहल का टेंडर पास होने में ही 20 साल बीत जाते हैं।
नाटक में दिखाया गया कि ताजमहल तो नहीं बन पाता, लेकिन इसकी आड़ में भ्रष्ट अधिकारी आलीशान बंगले, सात सितारा होटल और फार्महाउस बना लेते हैं। नेता अपनी कौड़ियों की जमीन को कई गुना दामों पर बेच देते हैं और अपने रिश्तेदारों को निगमों में स्थापित कर देते हैं। ठेकेदार कई ठेके हासिल कर मालामाल हो जाते हैं, जबकि ताजमहल का निर्माण कार्य जस का तस रहता है। हास्य और व्यंग्य से भरपूर नाटक में अफसरशाही के भ्रष्ट आचरण को दर्शाया गया। संवाद