माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। फर्जी फ्लाइट बुकिंग के बहाने ठगने वाले गैंग ने अमेरिकी लोगों से एक लाख डॉलर (95 लाख) से अधिक ठगे थे। यूपी के कासगंज निवासी सरगना समेत चार सदस्यों ने चार दिन की पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान यही कबूला है। गिरोह के तार वियतनाम व इस्राइल तक जुड़ रहे हैं।
अमेरिकी लोगों को लोकल फ्लाइट बुकिंग के बहाने ठगने के पांच में से चार आरोपियों की रिमांड पूरी हो चुकी है। पुलिस बुधवार को पंजाब के लुधियाना निवासी अभिषेक और अमन, झज्जर के मांगावास गांव निवासी आकाश और यूपी के कासगंज के गैंग सरगना रवित को कोर्ट में पेश करेगी।
इनसे पूछताछ में मिले मददगारों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह पिछले दो माह से ज्यादा सक्रिय रहा। ये एक शहर में सात से 10 दिन ही रुकते थे। नोएडा, दिल्ली व गुरुग्राम के बाद यह लोग रोहतक के गांव सुंदरपुर में एक फॉर्म हाउस में रुके थे।
साइबर सेल की टीम ने पवन तोमर के नेतृत्व में दूसरे ही दिन 26 सितंबर को फॉर्म हाउस से दबिश दी थी। यहीं से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में गैंग सरगना रवित को दबोचा गया। रवित आजकल दिल्ली में रह रहा था। इनसे एक लैपटॉप और पांच फोन जब्त किए गए थे।
बेरी निवासी आरोपी नितिन को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा जा चुका है। गैंग के लोगों की जरूरत की चीजें मुहैया कराने वाले नितिन ने ही यह फॉर्म हाउस दिलाया था। जांच अधिकारी पवन तोमर ने बताया कि गैंग के ठिकानों और मददगारों का पता चला है। इनकी पुष्टि करके कार्रवाई करेंगे।
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वियतनाम की कंपनी से बुक होता है पेज, इस्राइल के सॉफ्टवेयर से बचाव
जांच में पता चला कि गूगल पर एड बुक करने के लिए गैंग सरगना रवित ने वियतनाम की कंपनी से संपर्क किया था। इन्हें मालूम था कि फर्जीवाड़ा मिलने पर गूगल पेज को ब्लॉक कर देता है। इससे बचने के लिए गिरोह ने इस्राइल के सॉफ्टवेयर का प्रयोग अपने बचाव के लिए किया था। अब पुलिस टीम उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है जो गूगल पर एड के माध्यम से फर्जी पेज बुक करते हैं।