सद्भावना सम्मेलन में सिर काटने का विवादित बयान देकर स्वामी रामदेव घिर गए हैं। पूर्व गृह राज्यमंत्री सुभाष बतरा ने स्वामी रामदेव के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर एसपी कार्यालय मेें शिकायत दी है। हालांकि अभी तक रामदेव के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है। जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी आगे की कार्रवाई को लेकर बातचीत कर रहे हैं। पूर्व मंत्री ने एसपी की गैर मौजूदगी में उनके नाम शिकायत दी है। बता दें कि रविवार को स्थानीय नई अनाज मंडी में हुए सद्भावना सम्मेलन में स्वामी रामदेव ने कहा था कि अगर कानून नहीं होता तो वे भारत माता की जय नहीं बोलने वालों का सिर काट देते।
पूर्व गृह राज्य मंत्री बतरा ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया कि रामदेव ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया है। इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने शिकायत में कहा कि स्वामी रामदेव के सिर काटने के तालिबानी बयान को नेशनल और इंटरनेशनल टीवी चैनलों पर दिखाया गया। यह उस आदमी की करतूत है जिसे प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश का ब्रांड एंबेसडर बना रखा है।
बतरा ने आरोप लगाया कि रामदेव आरएसएस के हिटलरशाही और फ ासीवादी एजेंडे को लोगों पर थोपना चाहते हैं। रामदेव एक बाबा न होकर बड़े व्यापारी और आरएसएस व बीजेपी के एजेंट के रुप में काम कर रहे हैं। इस देश को महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, शहीद भगत सिंह और डॉ भीमराव अंबेडकर ने बलिदान देकर आजाद कराया है।
अगर आज उस अखंडता को कोई भंग करने की कोशिश करता है तो उसक ा मुंह तोड़ जवाब देने के लिए स्वामी रामदेव के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग करते हैं। बतरा ने प्रदेश भाजपा सरकार से भी मांग की कि सद्भावना के नाम पर दुर्भावना फैलाने वाले ब्रांड एंबेसडर के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। शिकायत देने वालों में सुभाष बतरा सहित अधिवक्ता सतीश बंधु, प्रोफेसर कुलताज सिंह, अधिवक्ता संजय परमार, अधिवक्ता सुशील जुनेजा, पत्रकार प्रिंस मल्होत्रा, सुरेंद्र सिंधु, विक्रांत चौधरी और अशोक सचदेवा शामिल रहे।
यह था रामदेव का विवादित बयान
सद्भावना सम्मलेन में रविवार को स्वामी रामदेव ने भारत माता की जय बोलने के मामले में विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि देश में तरह-तरह के विवाद खड़े कर दिए जाते हैं। किसी को कुछ नहीं मिला तो भारत माता की जय बोलने पर विवाद खड़ा कर दिया गया। रामदेव ने कहा कि कोई टोपी पहनकर खड़ा हो जाता है और कहता है कि भारत माता की जय नहीं बोलूंगा, चाहे मेरा सिर काट लिया जाए। अगर कानून नहीं होता तो एक नहीं, बल्कि लाखों लोगों का सिर काट देते जो भारत माता की जय नहीं बोलते और भारत माता का सम्मान नहीं करते।
इतना ही नहीं दारुल उलूम देवबंद के भारत माता की जय नहीं बोलने वाले फतवे पर भी स्वामी रामदेव ने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि मातृ भूमि को गौरव देने के लिए कोई मजहब मना नहीं करता है। अगर करता है तो वह मजहब देश के हित में नहीं है। क्योंकि भारत माता की जय बोलना किसी धर्म से ताल्लुक नहीं रखता है।
स्वामी रामदेव के खिलाफ दी गई शिकायत एसपी ऑफिस से थाने पहुंच गई है। हालांकि अभी केस दर्ज नहीं किया गया है।
प्रवीण मलिक, शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी, रोहतक।