माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। इनेलो नेता अभय चौटाला का कहना है कि राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक की मौत मामले में एकमात्र जिला खेल अधिकारी (डीएसओ) को निलंबित करने से कुछ नहीं होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन जिम्मेदार है, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो। वह वीरवार शाम 4 बजे लाखनमाजरा पहुंचे और हार्दिक के परिवार से मिले।
कहा, खेल नीति तैयार करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। भाजपा सरकार हरियाणा में खेल ढांचे को कमजोर कर रही है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने खेल कोटे से गुजरात को 700 करोड़ जबकि हरियाणा को मात्र 70 करोड़ का बजट दिया। देश के लिए 50 प्रतिशत पदक हरियाणा के खिलाड़ी जीतकर लाते हैं। अभय ने पहले हार्दिक राठी के परिवार से मुलाकात की, इसके बाद मीडिया के सवालों का जवाब दिया।
भाजपा की मंशा ठीक नहीं, खेल स्टेडियम गोशालाओं में तब्दील
अभय ने कहा कि रोहतक व बहादुरगढ़ में दो खिलाड़ियों की जान चली गई। इसके बावजूद कड़े कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कहा, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में गांवों में राजीव गांधी के नाम से स्टेडियम बनाए गए लेकिन आज वे स्टेडियम गोशालाओं में तब्दील हो गए हैं। लाखनमाजरा के स्टेडियम में 11 साल से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा सरकार एक कोच तक नियुक्त नहीं कर सकी। ग्रामीणों की मदद से खिलाड़ी अपने दम पर पदक जीतकर लाते हैं। पंचकूला में खिलाड़ियों की डाइट तक बंद कर दी गई क्योंकि सरकार ने डाइट उपलब्ध कराने वाली एजेंसी को दो करोड़ रुपये बकाया नहीं दिया था।
परिवार को दी जाए पक्की नौकरी
चौटाला ने कहा कि पांच लाख से हार्दिक राठी वापस नहीं आ जाएगा। परिवार के एक सदस्य को पक्की नौकरी दी जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। खेल ढांचे की कमियों को दूर किया जाए।
पंजाब के मुख्यमंत्री राजनीति न करें
चौटाला ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान हरियाणा में आकर राजनीति न करें। पंजाब की खेल सुविधाओं की तरफ ध्यान दें।