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सुषमा वर्मा की प्रतिभा को विदेशी वैज्ञानिकों ने सराहा

Tue, 19 Nov 2013 08:33 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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रोहतक एमडीयू के माइक्रोबॉयोलोजी विभाग के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने भी सुषमा वर्मा की प्रतिभा को सराहा है।
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सुषमा को अमेरिकन सोसाइटी ऑफ माइक्रोबायोलॉजी का सदस्य बनाया गया है। मंगलवार को सुषमा वर्मा अमर उजाला कार्यालय पहुंची और अपने अनुभव बांटे।

उन्होंने बताया कि वह एक अच्छा वैज्ञानिक बनना चाहती है, जिससे वैज्ञानिक क्षेत्र में देश तरक्की करे और नए-नए शोध किए जाएं।

एमडीयू में चल रहे 54वें वार्षिक सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी-फ्रंटियर डिस्कवरीज एंड इनोवेशन्ज इन माइक्रोबायोलॉजी एंड इट्स इंटर डिसीप्लीनरी रेलीवेंस में हिस्सा ले रही लखनऊ की 13 वर्षीय एमएससी की छात्रा सुषमा वर्मा से डेलीगेट्स काफी प्रभावित हुए हैं।

मंगलवार को संगोष्ठी के दौरान विदेशी वैज्ञानिकों ने सुषमा वर्मा की प्रतिभा की सराहना की। इस संगोष्ठी में देश-विदेश से दो हजार डेलीगेट्स हिस्सा ले रहे हैं।
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छात्रा सुषमा वर्मा के प्रो. रामचंद्र ने बताया कि सुषमा ने अभी तक कोई पेपर प्रेजेंट नहीं किया है। हालांकि वह प्रेजेटेंशन की तैयारी कर रही है।

उन्होंने बताया कि अमेरिकी वैज्ञानिक प्रो. डोड एम. पीटिशन ने सुषमा की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें अमेरिकन सोसाइटी ऑफ माइक्रोबायोलॉजी का सदस्य बना दिया है।

साथ ही जापानी वैज्ञानिक प्रो. युकवाटा ने भी उसकी सराहना की और कहा कि सुषमा इज वंडरफुल। प्रो. रामचंद्र ने बताया कि बुधवार को वह विदेशी वैज्ञानिकों से रूबरू होंगी।

पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगोष्ठी में हिस्सा ले रही सुषमा खुश हैं। उसने कहा कि वह सूक्ष्म जीवाणुओं का पर्यावरण व मानव कल्याण में उपयोग पर अध्ययन करेगी।

एमडीयू के कुलपति ने भी दिया पीएचडी की न्यौता
वंडर गर्ल सुषमा वर्मा को एमडीयू के कुलपति एचएस चहल ने भी एमडीयू से पीएचडी करने का न्यौता दिया है। चहल ने कहा कि वह एमडीयू से पीएचडी करे, उन्हें हर प्रकार की सुविधा दी जाएगी। एमडीयू से एमएससी कर रहे छात्र-छात्राओं ने भी सुषमा से मुलाकात की।

सबसे कम उम्र की एमएससी की छात्रा है सुषमा
सुषमा वर्मा इस साल उस समय चर्चा में आई थी जब उसने सिर्फ 13 साल की उम्र में लखनऊ की बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में एमएससी प्रथम वर्ष में दाखिल लिया था।
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वह यूनिवर्सिटी के इतिहास में सबसे कम की छात्रा बन गई। इससे पहले उसने जूलॉजी और बायलॉजी विषयों के साथ बीएससी की परीक्षा 66 प्रतिशत नंबरों के साथ पास की।
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