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Rohtak News: भिवानी जेल में सलाखों के पीछे रहेगा सुनारिया जेल का अधीक्षक

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रोहतक। सुनारिया जेल में बंदी को चक्की में न डालने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी सहायक जेल अधीक्षक जोगेंद्र सिंह व चाय विक्रेता सुनारिया गांव निवासी अनिल को विजिलेंस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भिवानी जेल भेज दिया गया। क्योंकि विजिलेंस ने अदालत में अर्जी दी थी कि आरोपी जेल अधिकारी जोगेंद्र सिंह साढ़े तीन साल से सुनारिया जेल में तैनात रहे। ऐसे में उनको सुनारिया जेल की बजाए जिले से बाहर दूसरी जेल में भेजा जाए। अदालत में विचार-विमर्श के बाद आरोपी जोगेंद्र सिंह और चाय विक्रेता अनिल को भिवानी जेल भेज दिया।
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डीएसपी विजिलेंस सुमित कुमार ने वीरवार को बताया था कि महम चौबीसी के गांव भैणी महाराजपुर निवासी कृष्ण कुमार ने दी शिकायत में बताया था कि उसका बेटा जोगेंद्र और पड़ोसी संदीप को जीआरपी ने रेलवे आरपी एक्ट के तहत जनवरी 2023 में गिरफ्तार किया था। दोनों सुनारिया जेल में बंद हैं। संदीप गांव के नाते से उसका भाई लगता है। 13 अप्रैल को जेल के लैंडलाइन नंबर से उसके मोबाइल पर संदीप का फोन आया। उसने बताया कि सहायक जेल अधीक्षक जोगेंद्र सिंह उसे काफी परेशान कर रहा है। उसको पहले भी चक्की में डाल दिया था। अब फिर प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके साथ ही परेशान न करने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है। इसके बाद संदीप ने कहा कि सहायक जेल अधीक्षक के मोबाइल नंबर पर बात कर लेना। उसने जेल अधिकारी के मोबाइल नंबर पर बात की तो कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद व्हाट्सएप कॉल आई और संदीप को परेशान न करने के एवज में एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। साथ ही कहा कि वह रिश्वत की यह राशि खुद न लेकर सुनारिया गांव निवासी अनिल के माध्यम से लेगा। डीएसपी के नेतृत्व में टीम तैयार की गई। सबसे पहले विजिलेंस ने सुनारिया गांव में छापा मारकर दुकानदार अनिल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते काबू किया। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ विजिलेंस की टीम सुनारिया जेल पहुंची और सहायक जेल अधीक्षक जोगेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को दोनों को अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत के चलते भिवानी जेल भेज दिया गया।
जेल के नजदीक है अनिल की चाय की दुकान
डीएसपी सुमित ने बताया कि अनिल कुमार ने सुनारिया जेल के नजदीक सड़क किनारे चाय की दुकान खोली है। इसके साथ ही ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करता है। इसी दौरान जेल उप अधीक्षक जोगेंद्र सिंह व अनिल की बातचीत होने लगी। विश्वास होने पर जेल अधिकारी ने दुकानदार के माध्यम से एक लाख की रिश्वत ली।
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