सांड प्रकरण में नामजद संत गोपाल दास अदालत में पेश, 25 मई को सुनवाई
-केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान मृत सांड़ को रोड पर रखकर लगाया था जाम
-पांच साल से चल रहा है अदालत में केस, गवाही की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं
-अदालत से बाहर आकर बोले-गोपालदास, गायों के नाम वोट मांगकर सत्ता में आई भाजपा, अनदेखी का भुगतना पड़ेगा खामियाजा
-गोचरण भूमि की मांग को लेकर लंबे समय अनशन पर बैठे थे संत गोपालदास
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। पांच साल पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान दिल्ली रोड पर मृत सांड़ लेकर प्रदर्शन करने के मामले में संत गोपालदास व अन्य आरोपी अदालत में पेश हुए। मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी। अदालत से बाहर आकर मीडिया से बातचीत करते हुए गोपालदास ने कहा कि भाजपा गायों के नाम पर वोट मांगकर सत्ता में आई। इसके बावजूद गोचरण भूमि की मांग पूरी नहीं की। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।
मामले के अनुसार फरीदाबाद पुलिस के इंस्पेक्टर जयबीर सिंह ने तीन अगस्त 2017 को शिकायत दी थी कि वीआईपी ड्यूटी के चलते वह रोहतक में तिलियार झील कन्वेंक्शन सेंटर के सामने मौजूद था। शाम करीब पांच बजे संत गोपालदास अपने 15.20 समर्थकों के साथ सेंटर के बाहर आया। जेसीबी के आगे बोकेट में मृत सांड़ डाल रखा था। उसने संत गोपालदास व समर्थकों को समझाया, लेकिन वह सड़क से नहीं हटे। नारेबाजी करते हुए सांड़ का शव सड़क पर डालकर रोड जाम कर दिया। जेसीबी चालक मौके से फरार हो गया। संत गोपाल दास व उनके समर्थकों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। साथ ही सरकारी ड्यूटी में बाधा डाली। पुलिस ने संत गोपाल दास व उसके 11 समर्थकों को मौके पर ही काबू कर लिया था। बाद में अदालत से जमानत मिल गई। तभी से अदालत में केस चल रहा है। शुक्रवार को संत गोपालदास जज मंगलेश कुमार चौबे की अदालत में पेश हुए। साथ ही जज मधुर बजाज की अदालत में सिविल लाइन थाने में दर्ज केस में सुनवाई हुई।