नसीब सिंह कुंडू और दरियाव सिंह मलिक।
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कुछ दिन पहले ही हुआ था दरियाव सिंह मलिक का निधन
असां हुण टुर जाना दिन रैण गए थोड़े.. यह कह कर चाचा हंसने लगे। चार दिन पहले की ही बात है। वे बीमार थे। अस्पताल में भर्ती होने पर भी मजाक कर रहे थे। रुंडे खुंडे का जोड़ा बिछड़ गया। चंद्रावल हमारी सुपरहिट फिल्म थी। इसने हमें सब कुछ दिया। नाम, पहचान और पिता तुल्य सुलझे हुए कलाकार के रूप में दरियाव सिंह मलिक बेहतरीन दोस्त। उन्हें कभी भूल नहीं पाऊंगा। उनके जाने से मेरा एक बाजू टूट सा गया है। यह कहना था हरियाणवी फिल्म चंद्रावल के हास्य कलाकार नसीब सिंह कुंडू उर्फ रुंडा का। वे अपने साथी कलाकार दरियाव सिंह मलिक उर्फ खुंडा के निधन के बाद अमर उजाला से विशेष बातचीत कर रहे थे, उन्होंने संस्मरण साझा किए थे। अप्रैल माह के अंतिम दिनों में दरियाव सिंह मलिक के निधन पर वह आहत थे। लेकिन आज नसीब सिंह भी हमारे बीच नहीं रहे।
ड्रामा कलाकार थे दोनों
रोहतक की कबीर कॉलोनी पीर वाली गली निवासी नसीब सिंह कुंडू उर्फ रुंडा ने बताया था कि वह खुंडा उर्फ दरियाव सिंह मलिक को प्यार से चाचा कहते थे। वे उम्र में मुझसे करीब 15 साल बड़े थे। दोनों लोकसंपर्क विभाग में मिले थे। दोनों ही विभाग के कर्मचारी थे। दरियाव सिंह वरिष्ठ थे। वे विभाग में ड्रामा इंस्पेक्टर थे। बाद में आकर वह उनसे आगे निकल गए। क्षेत्रीय प्रचार सहायक बने। दोनों ड्रामा कलाकार थे। साथ में काम करते थे। विभाग में साथियों ने उन्हें हाजिर जवाबी के मुकाबले में आमने-सामने किया था। उनकी हाजिर जवाबी बेहद शानदार थी। यही वजह रही कि फिल्म में भी उनकी जोड़ी हिट रही।
रुंडा-खुंडा की नोक झोंक का सपना रह गया अधूरा
दरियाव सिंह मलिक के निधन के बाद सोनू कुंडू ने कहा कि पिता नसीब सिंह की अंकल दरियाव सिंह से बात हुई थी। इस दौरान उन्होंने एक इच्छा जाहिर की थी। वह दोनों की एक नोक-झोंक को मीडिया के सामने रिकॉर्ड कराना चाहते थे। उनका यह सपना अधूरा रह गया।