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Rohtak News: ठेका कर्मियों से काम चला रहा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय

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रोहतक।
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एक ओर बेरोजगारों की फौज बढ़ती जा रही तो दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों व शिक्षण संस्थाओं में अनुबंधित कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। विश्वविद्यालयों की सीक्रेसी ब्रांच समेत अन्य अहम पदों पर भी यही हाल है। यही नहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके पुराने पदों पर वर्षों से तैनात किया गया है। यह हाल पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) का है। ऐसे में नकल के खेल या दूसरी गड़बड़ी की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
विश्वविद्यालय कर्मचारियों की मानें तो विवि में नियमित स्टाफ कम है। इसलिए यहां नियमित भर्ती न करके अनुबंधित कर्मचारियों को रखा गया है, जबकि विवि के अहम पदों व सीटों पर अनुबंधित कर्मचारी की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है। यहां नियमित कर्मचारियों की संख्या 1300 है और कच्चे कर्मचारी भी इतने ही हैं।
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परीक्षा शाखा की सीक्रेसी शाखा तक में अनुबंधित कर्मचारी हैं। यही नहीं, कई सीटें ऐसी हैं, जिन पर पिछले पांच से दस साल से सेवानिवृत्त कर्मचारी बैठाए हुए हैं। ये किसी भी गलती या गड़बड़ी के जिम्मेदार नहीं हैं। कहीं कुछ हुआ तो इन्हें काम से हटा कर मामला रफा दफा कर दिया जाता है। ऐसे में गड़बड़ी की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। विवि में असिस्टेंट रजिस्ट्रार तक के पदों पर सेवानिवृत्त व अनुबंधित कर्मचारी लगाए हुए हैं। ये सब अपने तरीके से काम चलाते हैं।
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नकल मामले में जांच में जुटी पुलिस :
यूएचएस में सामने आया नकल का खेल छोटा नहीं है। इसमें पूरा गिरोह शामिल है। इसके सदस्यों की लंबी कड़ी है। फिलहाल जांच कर्मचारियों तक ही सीमित है। जांच का दायरा बढ़ा तो बड़े पदों पर बैठे कुछ लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उपायुक्त व एसपी की बैठक के बाद गिरोह के सदस्यों व संदिग्धों की तलाश में टीमें सक्रिय हो गई हैं।
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