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बेटा नहीं, पुण्य ही दिलाएगा बुढ़ापे में सेवा

Fri, 06 Nov 2015 02:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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अगर व्यक्ति सोचता है कि बेटा बुढ़ापे में सहारा बनेगा तो उसका यह सोचना गलत है। इंसान का पुण्योदय है तो दुश्मन भी सेवा करेगा। और, अगर पुण्योदय नहीं है तो बेटा भी छोड़कर चला जाएगा। सेवा बेटा नहीं पुण्य कराता है। इसलिए बेटे के लिए मत मरो, सिर्फ  और सिर्फ  पुण्य करो। पुण्य ही जीवन की असली संपदा है। यह विचार व्यास देवकीनंदन ठाकुर ने पुराना आईटीआई ग्राउंड में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन व्यक्त किए। बृहस्पतिवार को सैकड़ों श्रद्धालु भी पहुंचे।
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कथा के दौरान उन्होंने कहा कि अगर जिंदगी में से पैसा चला जाए, नौकरी चली जाए। यहां तक कि पत्नी-बच्चे चले जाएं, तब भी परेशान मत होना। बस, एक चीज याद रखना कि हमारे जीवन में से प्रभु का नाम नहीं जाना चाहिए। अगर प्रभु का नाम हमारे जीवन से चला गया तो सब कुछ होते हुए भी हमारे पास कुछ नहीं बचेगा। इसलिए प्रभु के नाम रूपी धन को जीवन से कभी मत जाने देना। इससे पहले, मुख्यातिथि बच्चन राम अरोड़ा और समाजसेवी रमेश कपूर ने परिवार सहित कथा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बीरबल कपूर, सुनील भाटिया, अमित, टीटू जुनेजा, वर्षा जुनेजा, कृष्ण, रोबिन सचदेवा और अमर अरोड़ा मौजूद रहे।
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