- स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ का राजकीय सम्मान के साथ ककराना में हुआ अंतिम संस्कार, छोटे भाई ने दी मुखाग्नि
- वर्ष 2015 में हुआ था वायुसेना में चयन, दादा महावीर बोले-पोते के बलिदान पर गर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
कलानौर (रोहतक)। असम में भारतीय वायुसेना के सुखोई सु-30 एमकेआई लड़ाकू विमान हादसे में वीरवार को बलिदान हुए स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ का शव शनिवार को उनके पैतृक गांव ककराना पहुंचा। गांव में सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई मनुज ने उनको मुखाग्नि दी।
पिता आनंद वशिष्ठ ने कहा कि होली के दिन ही बेटे से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। अनुज ने जल्द घर आने की बात कही थी लेकिन यह नहीं पता था कि वह तिरंगे में लिपटकर आएगा।
शहीद पोते अनुज का शव देख दादा महावीर भावुक हो उठे। बोले-पोते ने पूरे परिवार का मान बढ़ाया है। हमें उस पर नाज है। शहीद की अंतिम यात्रा में गांव ही नहीं, आसपास के गांवों के काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
पिता आनंद ने कहा कि अनुज शुरू से ही होनहार व मेहनती रहा है। वह पढ़ाई में भी तेज रहा, इसीलिए हजारों जवानों के बीच परीक्षा पास कर वह स्क्वाड्रन लीडर पदोन्नत हुआ।
शादी की चल रही थी तैयारी, खुशियां आने से पहले ही बिखर गईं
बेटे की शहादत पर पिता ने भावुक होते हुए कहा-घर में उसकी शादी की तैयारी चल रही थी। आंगन में खुशियां आने से पहले ही बिखर गईं।अनुज शर्मा का जन्म 9 अगस्त 1993 को रोहतक जिले के गांव ककराना में हुआ था। अनुज का वर्ष 2015 में भारतीय वायुसेना में चयन हुआ था। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब वह पहली बार गांव पहुंचे थे तो ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया था। अब उनका परिवार गुरुग्राम में रह रहा है।
पिता सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त
अनुज शर्मा के पिता आनंद शर्मा भारतीय सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं। उनके छोटे भाई मनुज हैं। वह बीटेक की पढ़ाई के बाद इंग्लैंड में नौकरी करते हैं। भाई के शहीद होने की सूचना पर वह घर पहुंचे।
स्क्वाड्रन लीडर अनुज की अंतिम यात्रा में सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, विधायक शकुंतला खटक, एसडीएम आशीष कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
15-रोहतक के ककराना में शहीद अनुज वशिष्ठ के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित करते सहकारिता म