पिछले कईं दिनों से चल रही भीषण गर्मी का लोग शनिवार को भी सुबह से ही सामना करते रहे, लेकिन दोपहर के समय हरियाणा में अचानक मौसम ने करवट ली और कई जिलों में बारिश की गतिविधियां दर्ज की गई। अचानक बारिश आई तो गर्मी से बड़ी राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हुआ तो ठंडी हवाएं भी चली, लेकिन बारिश से अनाजमंडियों में किसानों को फिर भारी नुकसान की आशंका बन गई है।
कैथल में शनिवार को सुबह से दोपहर बाद तक तेज धूप से लोग परेशान रहे। दोपहर के समय शहर में सड़कें पूरी तरह से सुनसान दिखाई थी। हालांकि दोपहर बाद बादल छा जाने व आंधी आने से कुछ राहत जरूर मिली। आंधी आने के बाद लोग अपना बचाव भी मुंह पर कपड़ा ढककर करते हुए दिखाई दिए। शनिवार को सुबह के समय से अधिक गर्मी थी। गर्मी के चलते लोग काफी परेशान थे।
बिजली के अघोषित कट लगने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 10 से लेकर से दोपहर तीन बजे तक घंटे तक बिजली गायब रही। गर्मी के चलते बच्चों का काफी बुरा हाल रहा। दोपहर करीब दो बजे आसमान में अचानक बादल छाए। तेज हवाओं के साथ आसमान में बादलों की गरजना शुरू हो गई। इसके कुछ देर बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
15 जून तक आ सकता है मानसून
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि सुबह तेज धूप थी और दोपहर बाद आसमान पर बादल छा गए। अधिकतम तापमान 41 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में 15 जुलाई तक मानसून आने की संभावना है। यदि समय पर मानसून आ जाता है तो इससे किसानों को धान की रोपाई में भी फायदा होगा।
कुरुक्षेत्र में मंडियों में मक्का व सूरजमुखी की फसल पहुंच रही है। मक्का का सीजन चरम पर है और किसान आगे धान रोपाई की तैयारी के चलते भी जल्द मक्का सूरजमुखी की फसल निपटाने में लगे थे। जिला भर की मंडियों में मक्के की फसल अधिक मात्रा में आई हुई है और इसमें नमी के चलते दिन भर सुखाई जाती रही, लेकिन अचानक बारिश हुई तो यह पानी में डूबने लगी। जहां थानेसर अनाजमंडी में ही मक्के की फसल बड़ी मात्रा में पानी में डूब गई और पानी निकासी न हो पाने के चलते मंडी पानी से लबालब हो गई तो किसान व मजदूर फसल को बचाने के प्रयासों में जुटे रहे।
पूरी मंडी के फड़ों पर सुखाई फसल को समेटा भी नहीं जा सका। वहीं शाहाबाद में भी सूरजमुखी की फसल पानी के साथ बहने लगी, जिसे बचाने के लिए भरसक प्रयास किए जाते रहे। किसानों का कहना था कि गर्मी सहन करना ही बेहतर था। पहले ही फसल खरीद में नमी का बहाना आड़े आ रहा था अब पूरी फसल ही बारिश में भीग गई तो कुछ फसल बह भी गई। अब इसकी भरपाई कौन करेगा।
इन जिलों में हुई बारिश
रोहतक, कैथल, करनाल, पानीपत, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, अंबाला, यमुनानगर, सोनीपत जिले में बारिश की गतिविधियां दर्ज की गई। अंबाला में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।