आर्म्सकाॅन ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें विद्यार्थी चिकित्सा क्षेत्र के महारथियों से कुछ सीखते हैं। उन्हें पूरे कोर्स में भी इतना सीखने को नहीं मिलता है। इससे विद्यार्थी में आत्मविश्वास पैदा होता है। वह पूरी लग्न से मरीज का आपात स्थिति में प्राथमिक इलाज करने में सक्षम होता है। यह कहना है पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति डाॅ. अनीता सक्सेना का। वे संस्थान में चल रहे आर्म्सकाॅन कार्यक्रम के दूसरे दिन आयोजित वर्कशाप का उद्घाटन करने पहुंची थी।
कुलपति ने कहा कि उन्हें खुशी है कि विद्यार्थी कल्चरल के साथ वर्कशाप में भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें छात्राओं की संख्या अधिक है। डाॅ. जगजीत दलाल ने नवजात शिशुओं की देखभाल पर वर्कशाप आयोजित की। नियोनेंटोलॉजी विभागाध्यक्ष ने कहा कि हमें कैसे कंगारू मदर केयर करनी चाहिए। इससे बच्चे का वजन बढ़ता है। उन्होंने बच्चे को जन्म के बाद तुरंत सांस की दिक्कत होने पर प्रयोग की जाने वाली तकनीक की जानकारी दी।
सुश्रुत सभागार के द्वितीय तल पर आयोजित दूसरी वर्कशाप में डाॅ. अंजलि वर्मा ने विद्यार्थियों को कृत्रिम अंगों पर हैंड्स ऑन ट्रेनिंग प्रदान करते हुए शिशुओं में मधुमेह होने पर इंसुलिन इंजेक्शन लगाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों में इंजेक्शन लगाना आसान नहीं है। हम कृत्रिम अंगों के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित कर सकते हैं।
दमे का पूरा इलाज लेना जरूरीः डाॅ. पूनम दलाल
वर्कशाप के दौरान शिशु रोग विभाग की डाॅ. पूनम दलाल ने बच्चे को दमें की शिकायत होने पर उसका पूरा इलाज कराने पर जोर दिया। आपात स्थिति में प्राथमिक इलाज उपलब्ध कराने के साथ उस समय बरती जाने वाली सावधानी व आईवी फ्लूड लगाने की जानकारी दी।
नाटक में झलका अंग्रेजी हुकूमत का दर्द
अंग्रेजों ने किस प्रकार हिंदुस्तान में फूट का बीज होकर देश के टुकड़े कराए। हम पर राज किया। आजादी के लिए दी गई शहादत का याद करते हुए मणिपुर की घटना पर भी व्यंग्य किया गया। डेंटल कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. हरनीत सिंह के निर्देशन में तैयार नाटक के माध्यम से विभिन्न कोर्सों के विद्यार्थियों ने अपने अभिन्य का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने स्किट के माध्यम से रैगिंग व इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराया। जनसंपर्क विभाग के प्रभारी डाॅ. वरुण अरोडा ने कहा कि मिस्टर एंड मिस आर्म्सकाॅन फाइनल का आयोजन किया गया। इसका परिणाम शनिवार को घोषित किया जाएगा। रात को डीजे नाइट का आयोजन किया गया। इसमें बच्चे जमकर थिरके।