रोहतक में वर्क सस्पेंड कर जिला न्यायाला के बाहर एमबीबीएस विद्यार्थीयों के समर्थन में उपवास पर ब?
एमबीबीएस विद्यार्थियों का बॉन्ड पॉलिसी के खिलाफ आंदोलन शुक्रवार को 39वें दिन भी जारी रहा। बैच 2018 व 2019 के विद्यार्थी कक्षा लेने के बाद आंदोलन में शामिल हुए। आंदोलन को समर्थन देते हुए वकीलों ने भी सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक उपवास रखा। जिला बार एसोसिएशन व नागरिक मंच ने विद्यार्थियों के साथ कोर्ट परिसर के बाहर धरना देकर रोष प्रकट किया।
शुक्रवार दोपहर 24 घंटे के बावजूद विद्यार्थी अनशन पर बने रहे। पीजीआई में निदेशक कार्यालय के बाहर अनशन स्थल पर नारेबाजी के जरिये विद्यार्थियों ने सरकार के प्रति रोष प्रकट किया। अनशन स्थल पर विद्यार्थियों के आंदोलन को समर्थन की कड़ी में शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन ने भी उपवास किया। कोर्ट परिसर के बाहर वकीलों ने दोपहर तीन बजे तक उपवास रखा। यहां विद्यार्थियों ने कहा कि चिकित्सकों के लिए सफेद, वकीलों के काला, पुलिस के लिए खाकी कोट है। नेताओं के लिए ऐसा कोई ड्रेस कोड नहीं है। इस कारण ये कभी कुर्ते पायजामे में नजर आते हैं तो कभी दूसरी वेशभूषा में। इनके लिए भी ड्रेस कोड होना चाहिए। इससे नहीं पहचान व जिम्मेदारी तय होगी। हम सफेद कोट के लिए लड़ रहे हैं। साथ ही सामाजिक व नैतिक जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने पर आंदोलन का अगला कदम तय किया जाएगा
बार एसोसिएशन के प्रधान लोकेंद्र फोगाट ने कहा कि सरकार को चिकित्सा विद्यार्थियों की चिंता है न जनता की। इसलिए बॉन्ड पॉलिसी लागू कर रही है। इसे वापस लेने की बजाय पूरी ताकत से इसे लागू करने पर जोर दे रही है। पिछले 39 दिनों से आंदोलनरत विद्यार्थियों की भी सुनवाई नहीं कर रही है, इसलिए दूसरे संगठनों को उनके समर्थन में सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
नागरिक मंच की ओर से प्रो. प्रमोद गौरी ने कहा कि विद्यार्थियों का आंदोलन अपनी शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के हित में है। बॉन्ड पॉलिसी चिकित्सा शिक्षा को ही महंगा नहीं करेगी, इससे स्वास्थ्य सेवाएं भी महंगी होंगी। इसका आने वाले समय में आम आदमी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आम आदमी को स्वास्थ्य पर अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा व्यय करना होगा। इसलिए इस पॉलिसी का विरोध करना जरूरी है। इस संबंध में मंच ने चार दिसंबर को बार हॉल में बैठक की थी। यहां 35 संगठनों के प्रतिनिधि आए थे। इन प्रतिनिधियों ने बॉन्ड पॉलिसी पर चर्चा करने के साथ इसके विरोध का फैसला लिया। इसी कड़ी में शुक्रवार को बार एसोसिएशन की ओर से पहला प्रदर्शन उपवास के रूप में किया गया। अब लगातार विभिन्न संगठनों की ओर से प्रदर्शन किए जाएंगे। इस मौके पर अनेक लोग मौजूद रहे।