रोहतक। जिले के तीन और राजकीय विद्यालय आत्मनिर्भर की राह में आगे बढ़ेंगे। भालौठ, चमारिया व किलोई के विद्यालयों में एनएसक्यूएफ (राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा) से विद्यार्थियों को निखारा जाएगा। कोर्स के माध्यम से स्वरोजगार और व्यवसाय के लिए प्रेरित किया जाएगाा। इसके लिए मुख्यालय में जिले के तीन विद्यालयों में वोकेशन कोर्स लागू करने का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, 66 विद्यालय में वोकेशनल कोर्स लागू है।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से राजकीय विद्यालयों में कौशल व्यवसाय आधारित पाठ्यक्रम करवाए जा रहे हैं। जिले के 66 राजकीय विद्यालयों में 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को वोकेशनल कोर्स की शिक्षा दी जा रही है।
वोकेशनल कोर्स को अन्य विद्यालयों में भी शुरू करने के लिए जिला परियोजना समन्वयक की ओर से रिपोर्ट भेजी गई है। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चमारिया में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, बीमा व टूरिज्म हॉस्पिटैलिटी वोकेशनल कोर्स, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किलोई में आईटी व ऑटोमोबाइल वोकेशनल कोर्स, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भालाैठ में बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं व बीमा कोर्स शुरू करने के लिए प्रस्ताव भेजा है। संवाद
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गांधी कैंप विद्यालयों में शामिल होंगे अतिरिक्त कोर्स
जिला सह परियोजना समन्वयक सुरेंद्र दहिया ने बताया कि गांधी कैंप पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्लंबिंग की जगह ऑटोमोबाइल व राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गांधी कैंप में पेशेंट केयर एक्सीडेंट कोर्स शामिल करने की मांग भेजी है। वहीं, आईटी, टूरिज्म हॉस्पिटैलिटी, ऑटोमोबाइल, फिजिकल एजुकेशन, ब्यूटी एंड वैलनेस, एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर, पलंबिंग, रिटेल, ऑटोमोटिव, मीडिया एंड टरटेनमेंट, प्राइवेट सिक्योरिटी, पावर आदि अलग-अलग कोर्स जिले के 66 विद्यालयों में पढ़ाए जा रहे हैं।
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वर्जन
जिला के विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स शुरू के लिए मुख्यालय ने रिपोर्ट मांगी थी जिनमें तीन विद्यालयों में कोर्स के लिए प्रस्ताव भेजा है जबकि दो विद्यालय में अतिरिक्त कोर्स के लिए मांग भेजी है। उम्मीद है कि अगले शैक्षणिक सत्र से कोर्स शुरू हो जाएं।
- सुमन हुड्डा, जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा