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मरकज से जमातियों के आने की सूचना से हड़कंप, दौड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस

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निजामुद्दीन मरकज में शामिल जमातियों के जिले में प्रवेश करने की सूचना पर दिनभर स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस दौड़ती रही, लेकिन कहीं कोई नहीं मिला। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम में भी एक के बाद एक कई कॉल आई। इनके आधार पर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस और पुलिस पुट्ठी व गरनावठी के दो ट्रक चालकों और किलोई में दो भाइयों की जांच करने पहुंचे। उनका स्वास्थ्य सही मिला। ये सभी कई दिन बाहर रहकर गांव लौटे थे।
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इसके अलावा इंद्रा कॉलोनी से फोन आया कि चार मुस्लिम समाज के लोग यहां रह रहे हैं और ये बाहर से आए हैं, इनकी जांच होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि ये निजामुद्दीन मरकज से लौटे हैं, लेकिन चारों ने अपनी जांच कराने से मना कर दिया। उधर, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि जमात से आने वालों की कई सूचनाएं मिली लेकिन पुष्टि नहीं हो सकी। इंद्रा कॉलोनी में चार मुस्लिम मिले हैं, लेकिन उन्हें जमाती नहीं कहा जा सकता। इसके अलावा निंदाना से भी फोन आया कि उनके यहां पंजाब से जमाती आए हैं। बता दें कि इंद्रा कॉलोनी में पुलिस और तहसीलदार मौके पर गए थे, लेकिन इसकी किसी ने पुष्टि नहीं की है।
निजामुद्दीन मरकज से बालंद गांव में आए दो युवक, पुलिस के पहुंचने से पहले हुए फुर्र
- परिजनों बोले-भोपाल गए हैं जमात में, सरपंच ने गांव में लगाया ठीकरी पहरा
रोहतक। जिला मुख्यालय से दस किमी दूर स्थित बालंद गांव की आबादी करीब पांच हजार है। पुलिस को सूचना मिली कि निजामुद्दीन मरकज से दो युवक गांव में आए हैं। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची लेकिन इससे पहले ही दोनों युवक फरार हो गए। इस दौरान युवकों के परिजनों की ओर से बताया गया कि दोनों भोपाल जमात में गए हुए हैं। इसके बाद गांव के सरपंच बल्लू ने तीनों पाना के मौजिज लोगों के साथ बैठक कर गांव में ठीकरी पहरा लगाने का निर्णय लिया है। उधर, डीएसपी हेड क्वार्टर गोरखपाल ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस गांव गई थी मगर गांव में कोई मरकज से आया नहीं मिला।
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