मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। पश्चिमी विक्षोभ के दबाव के चलते वीरवार दोपहर बाद को तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि हुई। इससे फसलों में नुकसान की सूचना नहीं है। जिले में करीब एक एमएम से कम बारिश होने का अनुमान है। यह फसलों के लिए फायदेमंद बताई जा रही है। सर्द हवाओं व ओलावृष्टि से मौसम में ठंडक बढ़ गई। शुक्रवार को भी बारिश की संभावना है। हवा में नमी अधिक होने से कोहरा छाने का अनुमान है।
वीरवार को मौसम परिवर्तनशील रहा। दिन भर सूर्यदेव व बादलों के बीच लुका छिपी का खेल जारी रहा। सुबह ठंड तो दोपहर तक धूप खिली रही। दोपहर तीन बजे के बाद हवाएं चलने लगीं। शाम करीब चार बजे आसमान में बादल घिर आए। तेज हवाओं के बाद शाम पांच बजकर 20 मिनट पर हलकी बारिश हुई। बारिश के कुछ देर बाद ही ओले भी गिरे। यह ओलावृष्टि करीब पांच मिनट हुई। ओलावृष्टि देख सड़कों पर निकले लोग अपने बचाव में इधर-उधर रुकते नजर आए। किसी ने दुकान की शेड तो किसी ने पेड़ की ओट लेना बेहतर समझा। इस बारिश से फसल में नुकसान होने की जानकारी नहीं है। मौसम विभाग ने 0.4 एमएम बारिश दर्ज की है। यह फसल के लिए फायदेमंद बताई गई है।
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पिछले 5 दिन से बढ़ रहा था तापमान
वीरवार को हुई बारिश ने पिछले पांच दिनों से बढ़ रही गर्मी को फिर से ठंड में बदलने का काम किया है। इससे पहले लगातार मौसम गर्म हो रहा था। तापमान भी बढ़ रहा था। यह दिन के समय 22 डिग्री तक पहुंच गया था। यही नहीं, पांच डिग्री के आसपास बना रात का तापमान भी बुधवार रात 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। मौसम में ठंडक व शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने को विवश कर दिया।
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फिर गिरेगा रात का तापमान
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में अचानक आए इस बदलाव से एक बार फिर ठंड बढ़ेगी। रात का तापमान गिरेगा। शीतलहर चलने से फिर से कड़ाके की ठंड पड़ेगी। हवा में नमी बढ़ने से सुबह व देर रात घना कोहरा छाने की संभावना है। यह स्थिति दो से तीन दिन बनी रहेगी।
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वीरवार सुबह ही 10 जिलों में बारिश की संभावना जारी की थी। इसें यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, मेवात, पानीपत, सोनीपत जिला शामिल हैं। इसके अलावा इनके आसपास के इलाके में भी तेज हवाओं व गरज चमक के साथ हलकी बारिश जताई गई थी। बेहतर तकनीक व नए उपकरणों के चलते मौसम की सटीक जानकारी प्राप्त करना आसान हो गया है।
-डॉ. एमएल खीचड़, अध्यक्ष, एचएयू मौसम विज्ञान विभाग
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मौसम में बदलाव आया है। हलकी बारिश व ओले गिरने से ठंड बढ़ेगी। इसका फसलों पर किसी तरह का दुष्प्रभाव या नुकसान नहीं है। फसलों को अभी बारिश व पानी की जरूरत है। इसलिए यह बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है।
रोहताश सिंह, कृषि उपनिदेशक।