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Rohtak News: जूस और सब्जियोें पर रहकर जल्दी वजन घटाना दे रहा स्ट्रेच मार्क्स

Thu, 24 Oct 2024 02:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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नागरिक अस्पताल के होम्योपैथ की ओपीडी में मरीज को परामर्श करते डॉक्टर अरिंदम रॉय। अमर उजाला
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रोहतक। नागरिक अस्पताल के त्वचा और होम्योपैथ की ओपीडी स्ट्रेच मार्क (त्वचा पर होने वाली महीन रेखाएं) वाले मरीज आ रहे हैं।
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यह एक तरह का दाग है। जो हमारी त्वचा के तेजी से खींचने और सिकुड़ने से बनता है। त्वचा को अंदर सहायता करने इलास्टिक टिशू जिसे कोलेजन टिशू कहते हैं। खींचने-सिकुड़ने से यह टूट जाता है और चोट लगने जैसे निशान बन जाते हैं। स्ट्रेच मार्क ज्यादातर पेट, छाती, कंधे पर, जांघों पर बन जाते हैं।

दो तरह के होते हैं स्ट्रेच मार्क



दो तरह के स्ट्रेच मार्क होते हैं। लाल स्ट्रेच मार्क जो नए बने होते हैं और पुराने स्ट्रेच मार्क जो सफेद हो चुके होते हैं। रेड स्ट्रेच मार्क अक्सर प्रेग्नेंसी के टाइम होते हैं। इसमें हल्की खुजली भी होती है। स्ट्रेच मार्क पर साबुन नहीं लगाना चाहिए। यह और खराब हो जाते हैं।
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स्ट्रेच मार्क बनने के कारण
स्ट्रेच मार्क सूखी त्चचा पर जल्दी बनते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण शरीर पर अत्यधिक साबुन का प्रयोग है। रोज साबुन लगाकर नहाने से शरीर का प्राकृतिक ऑयल और मॉइस्चराइजर खत्म कर देता है। फिर बाजार से हम महंगे-महंगे माइस्चर लेकर आते हैं और हाथ और पैरों पर लगाते हैं। सोल्डर, पीठ और पेट पर शायद ही कोई मॉइस्चराइजर लगाता है। यही कारण यहां त्वचा सूखी रह जाती है। वजन बढ़ते ही त्वचा खींचती है और स्ट्रैच मार्क बन जाते हैं।

क्रैश डाइट स्ट्रेच मार्क का दूसरा कारण
दूसरा जो आजकल स्ट्रेच मार्क बनने का बड़ा कारण है वह है जल्दी वेट बढ़ाना और घटाना। किसी की शादी होने वाली है या घर में बड़ा फंक्शन होने वाला हो तो आकर्षक परिधान में फिट होने के लिए लोग क्रैश डाइट (कम समय के लिए कम कैलौरी वाले आहार का सेवन करना) पर चले जाते हैं। हफ्ते-दो हफ्ते के लिए चार-पांच किलो वजन कम करने के लिए सिर्फ सब्जियां और जूस का सेवन करते हैं। इससे वजन तो घट जाता है। इतनी तेजी से वजन घटने से त्वचा ढीली हो जाती है। उसके अंदर कोलेजन टीशू टूट जाते हैं। इससे स्ट्रैच मार्क बन जाते हैं।





क्रैश डाइट से बाल झड़ने और खून की हो जाती है कमी : डॉ. अरिंदम
नागरिक अस्पताल के होम्योपैथिक विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरिंदम रॉय ने कहा कि क्रैश डाइट (कम कैलोरी खाकर वजन कम करना) शरीर के हार्मोनल प्रणाली को बिगाड़ देता है। इससे बाल झड़ने लगते हैं। खून की कमी हो जाती है। नौजवान जल्दी अच्छी बॉडी बनाने के चक्कर में फूड सप्लीमेंट खाने लगते हैं। कई सप्लीमेंट में प्रोटीन के अलावा स्टेरॉयड और ग्रोथ हार्मोन के सप्लीमेंट भी मिले होते हैं। इसे खाने से मांसपेशियां तेजी से बढ़ने लगती है। ऊपरी त्वचा के खिंचाव से इलास्टिक टिशू टूटने लगते हैं और सोल्डर, छाती और जांघों पर निशान बन जाते हैं। स्ट्रेच मार्क किसी बीमारी के कारण या बिना परामर्श के फूड सप्लीमेंट का सेवन करने से भी हो सकती है। स्टेरॉयड क्रीम के अत्यधिक उपयोग से भी यह निशान हो सकते हैं।
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-वर्जन
अगर शरीर पर धूल के अत्यधिक कण और ज्यादा पसीना नहीं निकल रहा है तो सिर्फ प्राइवेट पार्ट, अंडर आर्म और गले पर साबुन या बॉडी वॉश लगाना चाहिए। पूरे शरीर में साबुन लगा-लगाकर नहीं रगड़ना चाहिए। साफ पानी सबसे अच्छा क्लिंजर है। वह शरीर के प्राकृतिक ऑयल और माइस्चर को त्वचा से नहीं निकालता है। इससे त्वचा मुलायम रहती है। सूखती नहीं है। उसमें इंफेक्शन, एलर्जी भी कम होते हैं।

डॉ. दिनेश मलिक, चर्म रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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