रोहतक। स्कूल में गुड मॉर्निंग बोलना बंद करें। सरहद को ध्यान में रखें। बच्चों में राष्ट्र के प्रति प्रेम प्रगाढ़ करें। इसी से अच्छे नागरिक बनेंगे।
शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि पहले खुद बदलें। देश की सरहद पर रहने वाले हर व्यक्ति को जयहिंद बोलना चाहिए। यही शिक्षकों से निवेदन भी है और आदेश भी। प्रदेश में 14500 स्कूल हैं। इनमें 29 हजार सफाईकर्मी व चौकीदार होने चाहिए। इनके लिए एक एकड़ से अधिक जमीन वाले स्कूलों में दो बेडरूम, एक लॉबी, एक रसोई, एक शौचालय का सेट होना चाहिए। इससे कर्मचारियों को स्कूल में ही जगह मिलेगी। वह भी 24 घंटे वहीं रहकर स्कूल की सुरक्षा कर सकेगा। यह कहना है शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा का। वह बुधवार को जिलास्तरीय विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रशिक्षण व सम्मेलन में बोल रही थीं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा के मुकाबले के दौर में अभिभावक सरकारी स्कूलों को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकारी विद्यालयों को जानबूझकर बदनाम किया जाता रहा है कि इन विद्यालय में कुछ नहीं होता। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस संबंध में बातचीत की और निर्णय लिया कि अभियान के माध्यम से अभिभावकों से मिला जाएगा और उनसे स्कूलों की बेहतरीन के लिए सुझाव लिए जाएंगे। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) ही विद्यालयों की असली तस्वीर सामने ला सकती है। अभियान के तहत अब केवल चार जिले शेष रहे हैं।