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Rohtak News: फुटेज व लोकेशन से फर्जी साबित हुई थाना प्रभारी की हत्या के प्रयास की कहानी

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सेवा, सुरक्षा व सहयोग का नारा देने वाली पुलिस की कहानी उसके ही अंदाज में वीरवार को अदालत में बेपर्दा हो गई। सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल की लोकेशन से अदालत में थाना प्रभारी की हत्या के प्रयास व नशीला पदार्थ रखने के आरोप गलत साबित हो गए। एएसजे रजनी यादव की अदालत ने घिलौड़ कलां निवासी मनदीप, अंकित, विशाल, प्रवीण व बिहार की राजधानी पटना निवासी राहुल को बरी कर दिया।
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पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, नवंबर 2020 को सदर थाने में केस दर्ज किया गया कि घिलौड़ कलां के नजदीक घिलौड़ खुर्द गांव के मोड़ पर पुलिस ने नाका लगा रखा था। इसी दौरान रोहतक की तरफ से एक स्कॉर्पियो आई। सदर थाने के प्रभारी ने गाड़ी रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने थाना प्रभारी के ऊपर ही गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने मुश्किल से जान बचाई। इसके बाद गाड़ी को गांव घिलौड़ कलां की तरफ भगा लिया। पुलिस ने पीछा कर गाड़ी को गांव की डिग्गी के पास घेर लिया। पुलिस ने दो आरोपियों घिलौड़ कलां निवासी मनदीप व राहुल निवासी पटना, बिहार को काबू कर लिया। एक युवक भाग गया। पुलिस का कहना था कि मनदीप के मुताबिक, भागने वाला युवक प्रवेश था, जो मनदीप का भाई है। मनदीप की जेब में एक चाकू बरामद हुआ। इसके अलावा गाड़ी के अंदर दो कट्टे भी मिले, जिनमें 28 किलोग्राम गांजा पत्ती मिली। पुलिस ने हत्या के प्रयास व एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दो आरोपियों को बाद में काबू किया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी।
7 बजे टोल से गुजरी गाड़ी, 9 बजे पुलिस ने घिलौड़ कलां में दिखाई
बचाव पक्ष के वकील गौरव खुराना ने बताया कि अदालत में पुलिस ने जो आरोप पत्र दाखिल किया था, उसमें बताया था कि पुलिस ने रात 9 बजे गाड़ी को घिलौड़ खुर्द के मोड़ पर पुलिस नाके पर रोकने का प्रयास किया। अदालत की अनुमति से जब मकड़ौली टोल की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई तो पता चला कि 7 बजे गाड़ी रोहतक आई थी। उसके बाद 9 बजे तक वापस नहीं गई। दूसरा, अदालत की अनुमति से ही केस से जुड़े पुलिस अधिकारियों की लोकेशन निकलवाई तो रात 9 बजे की लोकेशन घिलौड़ कलां नहीं, बल्कि सुखपुरा चौक की मिली। थाना प्रभारी की गाड़ी की लोकेशन भी घटना के समय मौके की नहीं मिली।
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मंदीप व राहुल अब आएंगे जेल से बाहर
वकील ने बताया कि वारदात के बाद से मंदीप व राहुल न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद हैं। अब बरी होने के बाद बाहर आएंगे। तीन आरोपी पहले से जमानत पर थे। अदालत के आदेश के फैसले की कॉपी मिलने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
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