सैमाण गांव में 10 दिन पहले हुए रोहित हत्याकांड के आरोपी विकास उर्फ मटरी व उसके साथी ललित उर्फ टूबी को गिरफ्तार करने के लिए सीआईए प्रथम की टीम ने शनिवार देर रात करीब सवा दो बजे कलानौर में छापा मारा। बसाना फाटक के पास जब पुलिस की टीम पहुंची तो लोगों ने पथराव व फायरिंग कर दी। इस दौरान आरोपी विकास उर्फ मटरी व ललित उर्फ टूबी अंधेरे में मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। यह आरोप सीआईए पुलिस के एसआई भगतराम ने कलानौर थाने में दर्ज एफआईआर में लगाया है। पुलिस ने बसाना निवासी जगता सहित सात के खिलाफ हत्या का प्रयास, मारपीट, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक एसआई भगतराम ने दी शिकायत में बताया कि गश्त के दौरान सूचना मिली कि सैमाण के रोहित हत्याकांड का आरोपी विकास उर्फ मटरी अपने साथी ललित उर्फ टूबी के साथ कलानौर की बसाना फाटक के पास एक मकान में ठहरा हुआ है। एसआई ने बताया कि जब वे ठिकाने पर पहुंचे तो जगता, सचिन, सतपाल, कीर्तन, मंदरूप, शोभा, दो-तीन अन्य लड़कों व महिलाओं ने गाड़ी का रास्ता रोक लिया। आते ही हाथापाई करने लगे। उन्होंने आरोपियों को समझाया और विकास उर्फ मटरी व ललित उर्फ टूबी के बारे में सवाल किया, लेकिन आरोपियों ने एक भी नहीं सुनी। तभी दो-तीन लड़के मकान की छत पर चढ़ गए और पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, मकान की छत से पुलिस पर फायरिंग भी की गई। इतना ही नहीं हवलदार राकेश को घेर लिया और हथियार छीनने का प्रयास भी किया। इस दौरान हवलदार ने बचाव में हवाई फायरिंग की। इसके बाद पुलिस को वापस लौटना पड़ा। पुलिस ने बसाना निवासी जगता, सचिन, सतपाल, कीर्तन, मंदरूप, शोभा व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
छत पर मिले रोड़े, एफएसएल की टीम ने की जांच
रविवार सुबह एफएसएल एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंची। वारदात स्थल पर जांच पड़ताल की गई। मौके पर मौजूद महिलाओं से पूछताछ की। पुलिस को मौके से कोई चला हुआ कारतूस तो नहीं मिला, लेकिन छत पर भारी मात्रा में पत्थर व रोड़े मिले।
सीआईए प्रथम के सब इंस्पेक्टर भगतराम की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है, लेकिन अभी किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है।
- राजू सिंधु, थाना प्रभारी, कलानौर