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प्रशिक्षित डॉक्टर की सिफारिश पर ही बिकेंगे स्टेरॉयड

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अब कोई भी दवा विक्रेता किसी भी तरह के स्टेरॉयड ऐसे ही किसी व्यक्ति को नहीं बेच सकेगा। सिर्फ प्रशिक्षित डॉक्टर की सिफारिश पर ही स्टेरॉयड की बिक्री होगी। इतना ही नहीं, दवा विक्रेता को स्टेरॉयड की सभी बिक्री का रिकॉर्ड भी रखना होगा। हरियाणा सरकार द्वारा ब्लैक फंगस को अधिसूचित करने के बाद जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
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जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कैप्टन मनोज कुमार ने म्यूरो-माइकोसिस संक्रमण या ब्लैक फंगस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विशेष आदेश जारी किए हैं। ड्रग कंट्रोलर अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कोरोना के इलाज में प्रयोग होने वाले सभी तरह के स्टेरॉयड की बिक्री सिर्फ पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर की सिफारिश पर ही होगी। सभी मेडिकल स्टोर को किसी भी व्यक्ति को स्टेरॉयड बेचते समय प्रशिक्षित डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की कॉपी रिकॉर्ड के तौर पर रखनी होगी। अगर लॉकडाउन की वजह से फोटोकॉपी की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो केमिस्ट उस प्रिस्क्रिप्शन को स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड के तौर पर साफ फोटो अपने पास रखेगा। आदेश में कहा गया है कि म्यूरोमाइकोसिस संक्रमण, जिसे ब्लैक फंगस के नाम से जाना जाता है, लगातार बढ़ रहा है। इसके बढ़ते प्रसार को देखते हुए राज्य सरकार ने इस बीमारी को अधिसूचित किया है। इसी के मद्देनजर स्टेरॉयड को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। इनके उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और दवा विक्रेता का लाइसेंस रद्द करने जैसी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आदेश के अनुसार ड्रग कंट्रोलर अधिकारी को रोजाना निर्धारित प्रोफार्मा में एचसीएस रेणुका नांदल के माध्यम से स्टेरॉयड की बिक्री की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध करवानी होगी। आदेश का उल्लंघन करे पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ब्लैक फंगस को लेकर कमेटी गठित
जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने म्यूरो-माइकोसिस या ब्लैक फंगस को लेकर सिविल सर्जन की अगुवाई में पांच विशेषज्ञ चिकित्साधिकारियों की कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार कमेटी में इंटरनल मेडिसिन, ऑप्थेलमोलॉजी, ईएनटी व एपिडिमोलॉजिस्ट विशेषज्ञों को बतौर सदस्य लिया जाएगा। यह कमेटी सरकार द्वारा जारी अधिसूचना की सख्ती से समीक्षा करेगी। अगर अधिसूचना का उल्लंघन सिद्ध होता है तो सिविल सर्जन की ओर से संबंधित व्यक्ति, संस्था या संगठन को नोटिस जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने द हरियाणा महामारी म्यूरोमाइकोसिस विनियम 2021 अधिसूचित किया है जो प्रकाशन की तिथि से एक वर्ष तक मान्य होगा।
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