रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने वाली साक्षी का लक्ष्य अगले ओलंपिक में गोल्ड जीतना है। शादी के बारे में वह इसके बाद सोचेगी। फिलहाल वह कुश्ती में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने पर फोकस करेंगी।
करीब 22 दिन बाद सेक्टर-4 स्थित अपने घर लौटी पहलवान साक्षी मलिक जहां काफी थकान महसूस कर रही हैैं। वहीं, उनकी मां सुदेश मलिक ने सप्ताह बाद सुकून की नींद ली है। अमर उजाला से खास बातचीत में साक्षी ने बताया कि रियो ओलंपिक का अनुभव बहुत अच्छा रहा। वे वहां पर विश्व के बड़े जिमभनास्ट और रेसलर से मिली हैं। उन्होंने बताया कि रियो में भारत के खिलाड़ियों के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया गया है। सभी सुविधाएं दी गईं हैं, बल्कि भारत के खिलाड़ियों को तो काफी पसंद भी किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश, शहर और अपने गांव पहुंचने पर जो प्यार लोगों ने उन्हें दिया है, इसकी तो वे उम्मीद भी नहीं करती थीं। प्रदेश मुख्यमंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों, परिजनों और ग्रामीणों से लेकर सभी ने उन्हें बहुत स्पेशल महसूस कराया है। इससे बढ़कर तो कुछ और हो भी नहीं सकता है।
खुद को कमतर न समझें बेटियां
पहलवान साक्षी ने बेटियों को अपने अधिकाराें को जानने और उन्हें आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आज की लड़कियां खुद को लड़कों से कम नहीं समझें, वे सब कुछ करने में सक्षम हैं।
दिनभर बधाई देने पहुंचते रहे लोग
बृहस्पतिवार को भी दिनभर साक्षी को बधाई देने और सेल्फी खींचने का दौर चला। उससे मिलने के लिए मोखरा और लाखनमाजरा की कई पंचायतें और रिश्तेदार पहुंचे, तो सरकारी विभागों और बैंक के भी अधिकारी बधाई देने के लिए पहुंचे।
सलमान ने की 1.1 लाख देने की घोषणा पर नहीं आया फोन
पहलवान साक्षी ने बताया कि बॉलीवुड के बड़े स्टार सलमान खान ने दोनों पदक विजेताओं को 1.1 लाख रुपये देने के बारे में उन्हें पता चला है। यह उनके लिए सबसे ज्यादा खुशी की बात है, लेकिन अभी सलमान सर का कोई फोन नहीं आया है।
समय निकालकर जरूर जाएंगे एमकेजेके कॉलेज
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसडर साक्षी ने बताया कि उन्हें अपने एमकेजेके कॉलेज की प्राचार्या और शिक्षिकाओं से नहीं मिलने का बहुत दुख है। अभी तो वह बहुत व्यस्त हैं, लेकिन समय निकालकर एमकेजेके कॉलेज में जरूर जाएंगी। रविवार को दिल्ली जाएंगी, यहां उन्हें खेल रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।