चार ठग दिनदहाड़े स्पेशल स्टाफ बनकर लाखों के हीरे और सोने का सामान ठग ले गए।
ठगी रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर अंजाम दी गई।
ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रधान चिरंजी लाल का नौकर माल लेकर जा रहा था। वारदात को चेकिंग के नाम पर फिल्मी स्टाइल में यूं अंजाम दिया गया कि किसी को कानोंकान खबर तक नहीं हुई।
घटना 18 अगस्त की है। ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चिरंजीलाल वर्मा की दुकान पर दो साल से काम करने वाला विक्रम मंगलवार सवा 12 बजे एक बैग लेकर त्रिनगर (दिल्ली) जा रहा था। बैग में सोना का बिस्कुट भार 103 ग्राम, एक सोने की चैन भार 20 ग्राम, एक सोने और डायमंड की अंगूठी भार 8 ग्राम, एक जोड़ी सोने की बालियां के एक पैकेट के अलावा साढ़े चार लाख रुपये की नकदी थी। विक्रम के मुताबिक ठगों ने उससे बैग की तलाशी ली और बैग को खंगालते वक्त आंखों में धूल झोंककर नीचे रखे पैकेट को निकाल दिया। हालांकि ठगों ने नगदी को छोड़ दिया।
स्पेशल टीम के साहेब की ओर जाने का किया था इशारा
विक्रम सिंह ने बताया कि मुझे 12 बजकर 35 मिनट पर रोहतक से दिल्ली जाने वाली किसान एक्सप्रेस ट्रेन पकड़नी थी। जैसे ही मैं स्टेशन के मेन एंट्री गेट पर पहुंचा तो यहां एक आदमी ने मुझे रोका। उसने गेट के पास खड़े व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए कहा कि साहेब के पास चलो, तुम्हारे बैग की तलाशी लेनी है। व्यक्ति ने खुद को स्पेशल टीम का सदस्य बताया। उसने ये भी बताया कि चेकिंग नशीले पदार्थ की तस्करी के कारण हो रही है। विक्रम ने बताया कि जब मुझे रोका गया तो उस समय दूसरी ओर खड़े अन्य लोग बाकायदा एक रेल यात्री का बैग चैक कर रहे थे।
लाखों के नोट देखकर बोले माहौल ठीक नहीं है
विक्रम के अनुसार उसने कथित चेकिंग स्टाफ को आग्रह किया था कि बैग को यहां खोलने की बजाय रेलवे स्टेशन पर किसी कार्यालय में ले जाकर जांच की जाए तो बेहतर होगा। लेकिन ये लोग नहीं मानें और बैग को खुलवा कर खंगालना शुरू कर दिया। बैग में नोट देखकर पूछा कहां लेकर जा रहा है। पूरा परिचय दिया और बैग में नीचे तक हाथ डाल कर देखा तो बोले देख कर जाना माहौल ठीक नहीं है।
कंधे पर हाथ रख बहकाया
विक्रम ने बताया कि बैग को खंगालते वक्त कथित टीम के एक सदस्य ने पीछे से मेरे कंधे पर हाथ रखा। पूछा कहां जा रहे हो इतना पैसा लेकर। मुझे शक है कि इस व्यक्ति की बात का जवाब देने के लिए जैसे ही मैने गर्दन घुमाई, उसी दौरान बैग से वो पैकेट निकाला गया, जिसमें सोने और हीरे का सामान था। तलाशी पूरी होते ही उसने बैग की चैन बंद कर दी। चलने से पहले विक्रम ठिठका और बैग खोलकर खंगाला तो पैकेट गायब था। पीछे मुड़कर देखा तो आरोपी फरार हो चुके थे।
बृहस्पतिवार को मिली लिखित शिकायत
राजकीय रेलवे पुलिस के प्रभारी सुखबीर सिंह के मुताबिक ज्वैलर चिरंजी लाल वर्मा ने बृहस्पतिवार को लिखित शिकायत दी है। हालांकि मौखिक रूप से शिकायत 18 अगस्त को ही दी गई थी। जांच सब इंस्पेक्टर जय सिंह को सौंपी गई है। कथित स्पेशल टीम के चारों सदस्यों की जानकारी पुलिस बारीकी से जुटा रही है। बड़ा पेंच ये भी है कि ठग बैग में रखे साढ़े चार लाख रुपये क्यों छोड़ गए।