-एमडीयू में आयोजित व्याख्यान में बोलते डिजिटल लरनिंगसेंटर के निदेशक प्रो नसीब सिंह गिल। विज्ञ
रोहतक। कार्यालय के कामकाज को सरल, सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए कर्मियों को प्रौद्योगिकी को अपनाना होगा। यह कहना है महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एवं एप्लीकेशंस विभाग के अध्यक्ष व डिजिटल लर्निंग सेंटर के निदेशक प्रो. नसीब सिंह गिल का। वे शुक्रवार को एडमिनिस्ट्रेटिव स्टॉफ काॅलेज की ओर से आईटी स्किल्ज फॉर नॉन टीचिंग स्टाफ विषय पर ट्रेनिंग सत्र में बतौर रिसोर्स पर्सन बोल रहे थे।
आईएचटीएम के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित इस ट्रेनिंग सत्र में प्रो. नसीब सिंह गिल ने कार्यालयी कामकाज में आईटी की महता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 में आईटी बेस्ड शिक्षा पर विशेष फोकस करने पर बल दिया गया है। ऐसे में शिक्षण संस्थानों की कार्यालयी कार्यप्रणाली को भी आईडी बेस्ड होना होगा। उन्होंने कामकाज में आईटी टूल्स की सही जानकारी एवं उसके प्रभावी इस्तेमाल के तौर-तरीकों को नॉन टीचिंग स्टाफ के साथ साझा किया व इसमें महारत हासिल करने का आह्वान किया।
वित्त अधिकारी मुकेश भट्ट ने लेखांकन कार्यों में आईटी के प्रभावी उपयोग सुझाए। उन्होंने कार्यालयी वित्त प्रबंधन एवं आईटी टूल्स के सही क्रियान्वयन की भी व्यावहारिक जानकारी दी। एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कालेज के कोऑर्डिनेटर डाॅ. अनार सिंह ढुल ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कालेज के डिप्टी कोऑर्डिनेटर नितिन सिवाच ने कार्यक्रम आयोजन में सहयोग दिया। कार्यक्रम में एमडीयू के विभिन्न कार्यालयों एवं विभागों में कार्यरत नॉन टीचिंग स्टाफ सदस्य शामिल रहे।