कोरोना के बाद पीजीआईएमएस पर ब्लैक फंगस के मरीजों का दबाव बढ़ता जा रहा है। संस्थान में ब्लैक फंगस के 119 मरीज उपचाराधीन हैं। इसमें से संस्थान ने वीरवार को तीन मरीजों का ऑपरेशन कर दिया है। आठ मरीज अभी ऑपरेशन के लिए वेटिंग में हैं और छह मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। देर शाम सोनीपत निवासी 43 वर्षीय एक मरीज ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है।
पीजीआईएमएस के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि हमारे पास प्रदेशभर से ब्लैक फंगस के मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। सभी मरीज अभी ईएनटी व नेत्र विभाग के वार्ड में दाखिल हैं। डॉक्टरों की टीम इन मरीजों की पूरी देखभाल कर रही है और जरूरत के हिसाब से लगातार ऑपरेशन कर रही है। वीरवार को सरकार से हमारे पास 200 ब्लैक फंगस के इंजेक्शन आए हैं, इन्हें मरीजों को लगाया जा रहा है। ये इंजेक्शन उन्हीं मरीजों को लगाए जा रहे हैं जिन्हें इनकी अप्रूवल मिली है।
इंजेक्शन के अभाव व लापरवाही में गई पिता की जान : राहुल
भिवानी खरक निवासी राहुल ने बताया कि उनके पिता नरेश की जान पीजीआईएमएस में डॉक्टरों की लापरवाही और इंजेक्शनों के अभाव में गई है। नरेश ने बुधवार की रात उपचार के दौरान दम तोड़ा है। मरीज को शुगर की समस्या थी और वह कोरोना निगेटिव थे। यदि डॉक्टर समय पर मरीज को इंजेक्शन उपलब्ध करवाते तो उनकी जान को बचाया जा सकता था। मरीज को एक इंजेक्शन ही लगा था, वह भी 16 हजार रुपये का दादरी के पास एक गांव से लाए थे। जो इंजेक्शन ब्लैक में बेच रहे हैं उनसे अधिक गुनहगार अधिकारी हैं जोकि समय पर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं करा पाए।